संतोष कुमार की रिपोर्ट बेतला. विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि पलामू टाइगर रिजर्व के विकास के लिए पर्यटन ही एकमात्र रास्ता बचा है. इसी माध्यम से क्षेत्र को आगे बढ़ाया जा सकता है. इसलिए आज यह बेहद जरूरी हो गया है कि सभी लोग आपसी मतभेदों को भुलाकर एक साथ आयें और जंगल तथा जानवरों की संख्या बढ़ाने की दिशा में मिलकर सामूहिक रूप से काम करें. उन्होंने चेतावनी दी कि जंगल और जानवर सुरक्षित रहेंगे, तभी मानव जाति का अस्तित्व भी बना रहेगा. प्रकृति के बिना हमारा जीवन संभव नहीं है.
विभागीय नियमों की आवश्यकता
पलामू टाइगर रिजर्व क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बात करते हुए विधायक रामचंद्र सिंह ने कहा कि वर्तमान समय में पलामू टाइगर रिजर्व के भीतर कई कड़े विभागीय नियम लागू किये गये हैं. इन नियमों के कड़ाई से लागू होने की वजह से ही आज हमारे जंगल और जंगली जानवर पूरी तरह सुरक्षित बचे हुए हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इन कड़े नियमों के कारण स्थानीय लोगों को दैनिक जीवन में थोड़ी परेशानी और दिक्कतों का सामना जरूर करना पड़ता है. लेकिन जनता को यह समझना होगा कि इन तात्कालिक परेशानियों के पीछे एक बहुत बड़ा दूरगामी फायदा भी छिपा हुआ है, जो हमारी आने वाली पीढ़ियों के काम आयेगा.
खनन और पेड़ों की कटाई से बिगड़ रहे हालात
झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों में चल रही गतिविधियों पर चिंता जताते हुए विधायक ने कहा कि आज जिन इलाकों में माइनिंग (खनन) का काम चल रहा है और जहां अंधाधुंध तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है, वहां की जमीनी स्थिति काफी बदहाल हो चुकी है. विकास के नाम पर किये जा रहे इस विनाश के कारण उजड़े हुए जंगल, जगह-जगह पर खनन कार्य के बाद खुले छोड़ दिए गए गहरे गड्ढे और इधर-उधर बेतरतीब तरीके से फेंके गये मलबे दिखाई देते हैं. यह बिखरा हुआ मलबा न केवल उस पूरे इलाके की प्राकृतिक खूबसूरती को भारी नुकसान पहुंचा रहा है, बल्कि इससे हमारे पर्यावरण को भी काफी गंभीर क्षति पहुंच रही है.
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क्षणिक लाभ के बदले गंभीर दुष्परिणाम
विधायक रामचंद्र सिंह ने प्राकृतिक संसाधनों का दोहन करने वालों को सचेत करते हुए कहा कि जंगलों को काटने और खनन करने से कुछ लोगों को क्षणिक और तात्कालिक लाभ तो मिल गया है, लेकिन इसके बदले में हम सभी को बहुत बड़े दूरगामी गंभीर दुष्परिणाम भुगतने पड़ेंगे. प्रकृति के साथ किया जा रहा यह खिलवाड़ आने वाले समय में बहुत भारी पड़ेगा. इसलिए, वक्त की मांग को देखते हुए हम सभी को एकजुट होना होगा और पलामू टाइगर रिजर्व के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में पूरी निष्ठा के साथ मिलकर काम करने की जरूरत है.
