बरवाडीह. प्रखंड क्षेत्र में नीलगाय का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है. जिससे किसान गंभीर संकट में हैं. प्रखंड मुख्यालय के अहिरपुरवा गांव के प्रजापति टोला में आधा दर्जन से अधिक नीलगाय खेतों में घुसकर चना, गेहूं, मटर समेत कई फसलों को रौंदकर बर्बाद कर दिया. जिससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान हुआ है. इसकी सूचना मिलते ही जिप सदस्य संतोषी शेखर ने वन विभाग के रेंजर अजय टोप्पो को पूरे मामले से अवगत कराया. उन्होंने प्रभावित किसानों को शीघ्र मुआवजा दिलाने, फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. रेंजर अजय टोप्पो के निर्देश पर वनपाल अविनाश एक्का मौके पर प्रभावित गांव पहुंचे और क्षतिग्रस्त फसलों का निरीक्षण किया. इस दौरान किसान कतरू प्रजापति, गोपाल प्रजापति, बालचंद प्रजापति, भवन प्रजापति, पवन कुमार सहित अन्य किसानों ने अपने-अपने नुकसान की जानकारी देते हुए वन विभाग को लिखित शिकायत सौंपी. ग्रामीणों ने वन विभाग से नीलगाय के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने के लिए स्थायी समाधान निकालने की मांग की है. वनपाल ने कहा कि प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा दिया जायेगा. भाड़ा वृद्धि की मांग को लेकर हाइवा-टेलर एसोसिएशन ने दिया धरना
बालूमाथ़ प्रखंड क्षेत्र के मगध कोलियरी में बुधवार को मां अंबे प्राइवेट लिमिटेड ट्रांसपोर्ट कंपनी के कैंप पर हाइवा-टेलर ओनर एसोसिएशन के लोगों ने धरना दिया. इस संबंध में विकास यादव और बबलू साव ने बताया कि कंपनी हम लोगों को मगध कोलियरी से बालूमाथ रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई करने में कम भाड़ा दे रही है. हम लोगों की मांग है कि हम लोगों को 130 रुपये प्रतिटन के हिसाब से भाड़ा दिया जाये. वहीं, स्थानीय गाड़ियों को प्राथमिकता मिले. बाहर से कंपनी हाइवा लाकर चला रही है. यहां के स्थानीय लोग को काम नहीं मिल पा रहा है. आगे बताया कि अगर कंपनी एकदिवसीय धरना के बावजूद भी कोई पहल नहीं करती है तो आगे और भी तेज आंदोलन किया जायेगा और कंपनी में चलने वाले सभी हाइवा वाहनों का परिचालन रोक दिया जायेगा. मौके पर मनोज कुमार, अरुण कुमार, बिजेंद्र यादव, रूपेश यादव, अरविंद यादव, तुलसी कुमार साव, राहुल साव, रविंद्र साव, दिनेश यादव, मो अफाक, फहीम आलम, रामा कुमार, विजय कुमार, सुभाष कुमार, प्रदुप कुमार, मोनू कुमार समेत कई लोग उपस्थित थे.