गांवों के बुनियादी ढांचे और आजीविका की रीढ़ है मनरेगा : बीडीओ

गांवों के बुनियादी ढांचे और आजीविका की रीढ़ है मनरेगा : बीडीओ

हेरहंज ़ स्थानीय प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित सभागार में सोमवार को मनरेगा का विश्वास, रोजगार से विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया. प्रखंड विकास पदाधिकारी अमित कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में मनरेगा की प्रगति की समीक्षा की गयी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में इसकी भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई. बुनियादी ढांचे का हो रहा है निर्माण : संबोधित करते हुए बीडीओ अमित कुमार ने कहा कि मनरेगा केवल मजदूरी देने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह गांवों के विकास का आधार है. इसके जरिये सड़क, तालाब, कुआं और चेकडैम जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों का निर्माण हो रहा है, जिससे ग्रामीणों की जरूरतें पूरी हो रही हैं. उन्होंने विशेष रूप से योजनाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को सुखद बताया और पंचायत प्रतिनिधियों से सक्रिय सहयोग की अपील की. बेहतर कार्य के लिए मिला सम्मान : कार्यक्रम के दौरान अपने दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करने वाले पंचायत प्रतिनिधियों और कर्मियों को सम्मानित किया गया. हेरहंज मुखिया प्रीति कुजूर, पंचायत सचिव शिवनंदन मुंडा व सरजू राम और रोजगार सेवक उमाशंकर व मेराजुल हक को बेहतर कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र एवं प्रतीक चिह्न भेंट किया गया. इस मौके पर मुख्य रूप से बीपीओ हेमंत कुमार सिंह, लेखापाल महेश मोची सहित विभिन्न पंचायतों के प्रतिनिधि और काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >