मानवता के उद्धार के लिए प्रभु ने सहा क्रूस का कष्ट : फादर सुरेश

मानवता के उद्धार के लिए प्रभु ने सहा क्रूस का कष्ट : फादर सुरेश

महुआडांड़़ प्रखंड के मसीही विश्वासियों ने रविवार को इस्टर (पास्का) का त्योहार पारंपरिक श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया. इस पावन अवसर पर प्रखंड के प्रतिष्ठित संत जोसेफ बड़े गिरजाघर सहित विभिन्न पल्लियों में विशेष मिस्सा पूजा, बाइबल पाठ और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किये गये. गिरजाघरों में सुबह से ही प्रार्थना के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी. पाप और मृत्यु पर विजय का प्रतीक है इस्टर : संत जोसेफ बड़े गिरजाघर में मुख्य अनुष्ठानकर्ता फादर सुरेश किडो ने इस्टर के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व अटूट आस्था और विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति के कल्याण के लिए अपना बहुमूल्य जीवन कुर्बान कर दिया. गुड फ्राइडे को क्रूस पर प्राण त्यागने के बाद तीसरे दिन उनका पुनर्जीवित होना यह संदेश देता है कि सत्य और प्रेम की कभी पराजय नहीं होती. उनका यह बलिदान ईश्वर के प्रति सर्वोच्च समर्पण है. कुरुतियों को त्याग कर समाज सेवा का लें संकल्प : फादर बार्थो ने अपने संबोधन में कहा कि प्रभु यीशु ने भीषण कष्ट सहकर मनुष्यों को ईश्वर से जोड़ने का कार्य किया. उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि वे आपसी झगड़े, ईर्ष्या, द्वेष और समाज की अन्य कुरीतियों को त्यागकर मानव सेवा का संकल्प लें. मिस्सा का सफल संचालन हेड प्रचारक आनंद और सिस्टर स्वाति ने किया. मौके पर काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने कैंडल जलाकर और भक्ति गीतों के माध्यम से प्रभु की स्तुति की.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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