परियोजनाओं के पूरा होने से लातेहार जिला को मिलेगी नयी पहचान

परियोजनाओं के पूरा होने से लातेहार जिला को मिलेगी नयी पहचान

लातेहार ़ वर्ष 2025 बीत गया है. इस वर्ष कुछ उम्मीदें पूरी लेकिन कुछ बड़ी परियोजनाओं का काम पूरा नहीं हो सका, पर नया वर्ष 2026 लातेहार जिला के इतिहास मे बड़े बदलाव का गवाह बन सकता है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो कई बड़ी विकास की परियोजनाएं पूरी तरह धरातल पर उतर सकती है जिसका पूरा लाभ जिला के आम लोगों को मिलेगा. एसआरएलएम से बदलेगी जिले की पहचान : एसआरएलएम और सीजीएलएम उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता की दूरदर्शी सोच का परिणाम है. जिसके तहत बेरोजगार दीदीयों को राेजगार से जोड़ा गया है. उपायुक्त ने क्लीन लातेहार ग्रीन लातेहार का नारा दिया है. जिसके तहत सूखा और गीला कचरा प्रबंधन के तहत कार्य हो रहे हैं. कचरा को बेच कर दीदीयों की सहकारी समिति को आर्थिक मदद दी जा रही है. जिससे उनका जीविकोपार्जन हो रहा है. इसके अलावा शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में मदद मिल रही है. इस योजना के तहत सूखा पत्ता को जमा कर खाद बनाया जा रहा है. जिससे पर्यावरण को संरक्षित करने का काम किया जा रहा है. पहले गांव में महुआ चुनने के लिए लोग पेड़ के नीचे आग लगा देते थे. लेकिन सूखा पत्ता जमा होने के बाद इसमें कमी आ सकती है. मंडल डैम के पूरा होने से सिंचाई मे मिलेगी मदद : जिले के बरवाडीह प्रखंड में उत्तर कोयल जलाशय परियोजना (मंडल डैम) के पूरा होने से लातेहार के अलावा पलामू, गढ़वा तथा बिहार राज्य के औरंगाबाद, गया और जहानाबाद जिले में सिचाई की सुविधा बढ़ेगी. इसके अलावा लातेहार जिला को 25 मेगावाट बिजली भी मिलेगी. मंडल डैम परियोजना का कार्य प्रारंभ हो गया है. वर्ष 2026 में पूरा होने के बाद सिंचाई और बिजली के अलावा लोगों को रोजगार के साधन भी बढ़ेंगे. मंडल गांव फिर से बसेगा जहां लोगों को रोजगार के कई अवसर पैदा होंगे. चंदवा के टोरी में रेलवे फ्लाइओवर से होगा फायदा : सीआइसी सेक्शन के चंदवा टोरी में फ्लाइओवर के बन जाने से लोगों को काफी फायदा होगा. चंदवा के टोरी में फ्लाइओवर के नहीं बनने से वर्तमान समय में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. घंटो रेल फाटक बंद रहने से वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों को भी परेशानी होती है. सबसे अधिक परेशानी बालूमाथ, बारियातू, हेरंहज तथा चतरा, हजारीबाग से आने वाले वाहनों को उठानी पड़ती है. मरीज लेकर आने वाले वाहन जैसे एंबुलेंस और ममता वाहन के घंटों जाम में फंसे रहने से कई बार कई लोगाें की जान भी जा चुकी है. इसलिए इस फ्लाइओवर के पूरा होने पर काफी सहूलियत होगी. लातेहार में बाइपास बनने से जाम से मिलेगी मुक्ति : लातेहार में बाइपास सड़क की काफी जरूरत है. लगातार शहर में जाम की स्थिति बनी रहती है. एनएच-75 पर काम हो रहा है. केंद्र सरकार ने लातेहार में बाइपास सड़क को मंजूरी दे दी है. जिसे उदयपुरा से होते हुए शहर के उत्तर दिशा से होकर होटवाग गांव तक बनाने की योजना है. इस योजना के पूरा होने पर जिला मुख्यालय के लोगों को काफी राहत मिलेगी. क्योकि लातेहार में मुख्य सड़क एक ही है जो एनएच-75 है. जिसमें कई जगह काफी संकीर्ण सड़क है. शहर से धर्मपुर होते हुए बाइपास सड़क बनाया गया है, उसके बाद भी सड़क जाम लगी ही रहती है. पर्यटन को बढ़वा देने से कई अवसर मिलेंगे : लातेहार जिला प्रकृति की गोद में बसा हुआ है. जिले में कई ऐसे पर्यटन स्थल हैं जो विश्व स्तर पर विख्यात हैं. नेतरहाट से लेकर बेतला नेशनल पार्क के अलावा पलामू किला समेत कई प्रसिद्ध स्थल हैं. पलामू किला जैसे धरोहर को बचाने की जरूरत है. क्योकि यह चेराे राजवंश की पहचान रही है. पर्यटन को पूरी तरह बढ़ावा देने से जिले के लोगों के लिए कई अवसर पैदा होंगे. जैसे गांव में रोजगार के अवसर मिलेंगे. गांव के लोगों को अपने घर में रोजागर मिलेगा तो पलायन पर रोक लगेगी. जिससे मानव तस्करी पर अंकुश लग सकता है.

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Published by: Shailesh ambashtha

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