सब्जियों के दाम बढ़ने से बिगड़ा किचन का बजट

सब्जियों के दाम बढ़ने से बिगड़ा किचन का बजट

बेतला़ सब्जियों के दाम बढ़ने से आमलोगों के किचन का बजट बिगड़ गया है. महंगी सब्जियों के कारण लोगों ने खरीदना कम कर दिया है, जिससे उनकी थाली से हरी सब्जियां गायब होने लगी है. गांव में हर घर में उगने वाला झींगी, नेनुआ, बोदी भी इस बार भरपूर मात्रा लोग नहीं खा पा रहे हैं. कुटमू चौक पर लगने वाले साप्ताहिक बाजार में इसका असर देखने को मिल रहा है. पहले जितने रुपये में जितनी सब्जी मिलती थी, अब उसका आधा हिस्सा भी नहीं मिल रहा है. जिससे लोगों को मजबूरन कम सब्जी खरीदनी पड़ रही है. त्योहारों का सीजन होने के कारण लोग वैसे भी खर्च से परेशान हैं. अब सब्जियों की महंगाई से समस्या और बढ़ गयी है. सब्जियों की महंगाई से गरीब और निम्न-आय वर्ग के लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हैं और उनके लिए सब्जी खाना मुश्किल हो गया है. लोगों का कहना है कि पहले 100 रुपये में उनका झोला भर जाता था अब 400 रुपये में भी नहीं भर पा रहा है. इस वर्ष नहीं हो सकी नेनुआ, झींगी, बोदी की अपेक्षित खेती : इस वर्ष भारी बारिश होने के कारण कई लोगों के खेतों में नेनुआ और झींगी बोदी आदि की भी खेती नहीं हो सकी. जिन लोगों ने खेती की है उन्हें भी काफी परेशानी हो रही है. कम मात्रा में निकलने के कारण इन सब्जियों के दाम चरम पर है.

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By SHAILESH AMBASHTHA

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