चंदवा़ प्रखंड की जमीरा पंचायत अंतर्गत चतरो गांव स्थित खेल मैदान में एक विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया. इसमें अनगड़ा, चतरो और अरधे गांव के ग्राम प्रधानों की उपस्थिति में विस्थापितों ने अपने हक और अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई का निर्णय लिया है. बैठक की अध्यक्षता चतरो के प्रधान गुजू गंझू ने की. विस्थापितों का दर्द और कानूनी लड़ाई : सभा में रैयतों ने बताया कि पूर्व में एस्सार पावर झारखंड लि. ने बिजली संयंत्र लगाने के लिए करीब 540 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया था, जिसमें सीएनटी एक्ट के उल्लंघन का आरोप है. वर्तमान में जब एस्सार पावर का प्लांट एनसीएलटी कोर्ट द्वारा परीसमापन में चला गया है, तब इस जमीन पर ओरिसा एलॉय स्टील प्रा. लि. कंपनी द्वारा आधिपत्य जमाया जा रहा है, जिसे विस्थापित पूरी तरह गलत मान रहे हैं. न्याय के लिए वरीय अधिकारियों का दरवाजा खटखटायेंगे : विस्थापितों ने स्पष्ट किया कि किसान विकास श्रमिक स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड की ओर से झारखंड उच्च न्यायालय में याचिका दायर है. रैयतों का कहना है कि पेसा कानून के दायरे में आने के बावजूद उनके अधिकारों की अनदेखी की जा रही है. ग्राम सभा में चतरो, अनगड़ा, अरधे, कुसुमटोली, तुपी व पुरना टोली के ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से संघर्ष का संकल्प लिया. विस्थापितों ने कहा कि वे जल्द ही उपायुक्त से मिलेंगे और उन्हें न्यायालय से न्याय मिलने की पूर्ण उम्मीद है. इस मौके पर रामदिवाली गंझू, बाबूलाल गंझू, मनमोहन गंझू, जंग बहादुर गंझू, अजीत गंझू, जयकुमार गंझू, जगरनाथ गंझू, सत्यनारायण गंझू सहित पार्वती देवी, सुनीता देवी, कंचन देवी और जीरमनिया देवी समेत सैकड़ों रैयत उपस्थित थे.
540 एकड़ जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विस्थापितों ने लिया सामूहिक लड़ाई का संकल्प

540 एकड़ जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विस्थापितों ने लिया सामूहिक लड़ाई का संकल्प
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540 एकड़ जमीन अधिग्रहण के खिलाफ विस्थापितों ने लिया सामूहिक लड़ाई का संकल्प