MMDR संशोधन के विरोध में चंदवा, बारियातू और हेरहंज में झामुमो का धरना

झामुमो ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में चंदवा, बारियातू और हेरहंज में एक दिवसीय धरना आयोजित किया. पार्टी ने केंद्र सरकार से इस संशोधन को वापस लेने की मांग की है.

चंदवा/बारियातू/हेरहंज: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2026 के विरोध में शनिवार को झामुमो की ओर से चंदवा, बारियातू और हेरहंज प्रखंड कार्यालयों के समीप एक दिवसीय धरना दिया गया. पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व और लातेहार जिलाध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव के निर्देश पर आयोजित धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और संशोधन वापस लेने की मांग की. राज्यभर में झामुमो ने इसी मुद्दे को लेकर प्रखंड मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन किया.

चंदवा में सांसद ने पुनर्विचार की मांग की

चंदवा में धरने की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मनोज चौधरी ने की. कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद बैजनाथ राम और जिला अध्यक्ष लाल मोती नाथ शाहदेव भी मौजूद रहे. सांसद बैजनाथ राम ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता है. उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से रोजगार, पर्यावरण और स्थानीय विकास के मुद्दे सीधे जुड़े हैं. ऐसे में राज्य के अधिकारों और जनता के हितों को ध्यान में रखते हुए ही कानूनों में बदलाव किया जाना चाहिए. उन्होंने केंद्र सरकार से एमएमडीआर संशोधन पर पुनर्विचार करने की मांग की. धरना समाप्त होने के बाद झामुमो प्रतिनिधिमंडल ने अंचल अधिकारी को ज्ञापन सौंपा.

ये भी पढ़ें: लातेहार: DC संदीप कुमार ने मॉडल डिग्री कॉलेज और पंचायत भवन का किया निरीक्षण, अतिक्रमण हटाने और कर्मियों की अनुपस्थिति पर कार्रवाई के निर्देश

बारियातू और हेरहंज में भी प्रदर्शन

बारियातू में धरना-प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र गंझू ने की. कार्यकर्ताओं ने एमएमडीआर संशोधन का विरोध करते हुए इसे वापस लेने की मांग की. वहीं हेरहंज में धरने को संबोधित करते हुए प्रखंड अध्यक्ष विजय उरांव ने कहा कि पार्टी की नजर में यह कानून झारखंडवासियों के हित में स्वीकार योग्य नहीं है. उन्होंने कहा कि जनता के हित में स्वीकार नहीं किये जा सकने वाले कानून को पार्टी ‘काला कानून’ मानती है. केंद्र सरकार के अनुसार, एमएमडीआर संशोधन कानून से राज्यों के खनिज और राजस्व संबंधी अधिकार समाप्त नहीं होते तथा खनन क्षेत्र के कुल राजस्व का करीब 90 प्रतिशत हिस्सा राज्यों को मिलता रहेगा.

ये भी पढ़ें: लातेहार : खनिज कानून संशोधन झारखंड के हित में नहीं, MMDR के खिलाफ में झामुमो का विरोध में एकदिवसीय धरना

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By Sumit kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >