चंदवा. स्थानीय लादू बाबू बैंक्विट हॉल परिसर में सोमवार को झारखंड दैनिक मजदूरी यूनियन (एटक) का दूसरा सम्मेलन सह चिंतन शिविर आयोजित किया गया. इसका उद्घाटन अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रीय सचिव केडी सिंह ने किया. अध्यक्षता सुरेश बासपति और धनेश्वर तुरी ने की. संचालन संजय गोप और अनिल साहू ने किया.
सम्मानजनक मजदूरी और सुरक्षित कार्यस्थल की उठी मांग
केडी सिंह ने कहा कि मजदूर अपने श्रम से देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन आज भी वे सम्मानजनक मजदूरी, सुरक्षित कार्यस्थल और बच्चों की बेहतर शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों को विभिन्न सुविधाएं मिलती हैं, जबकि कई शहरों में मजदूर फुटपाथ पर रहने को मजबूर हैं. इस असमानता को दूर करने के लिए मजदूरों का संगठित संघर्ष जरूरी है.
निर्माण कामगार संघ बिहार के महासचिव नारायण पूर्वे ने कहा कि मजदूरों के हित में बने कानूनों को कमजोर किया जा रहा है. अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होना समय की मांग है. प्रेम प्रकाश और युवा कवि गुरमीत सिंह ने भी अपने विचार रखे.
15 सदस्यीय नयी कमेटी का गठन
दूसरे सत्र में अध्यक्ष प्रमोद साहू ने सांगठनिक और राजनीतिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. चर्चा के बाद 15 सदस्यीय नयी कमेटी का गठन किया गया. इसमें संजय गोप को अध्यक्ष, धनेश्वर तुरी को सचिव और सुरेश बासपति को कोषाध्यक्ष बनाया गया. सम्मेलन में संगठन को मजबूत करने और मजदूरों के हित में आगामी योजनाओं को लेकर चर्चा की गयी.
इससे पूर्व एटक का झंडा फहराकर कार्यक्रम की शुरुआत की गयी. इस दौरान मौजूद लोगों ने इंकलाब जिंदाबाद और शहीद साथियों को लाल सलाम के नारे लगाये.
सम्मेलन में शोक प्रस्ताव पारित
कार्यक्रम के दौरान नेपाल में ग्लेशियर फटने से आम लोगों और पर्यटकों की हुई आकस्मिक मौत पर शोक व्यक्त किया गया. मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की गयी. इसके अलावा दिल्ली में हॉस्टल की इमारत गिरने से छात्रों की मौत, झारखंड सरकार के शिक्षा मंत्री सुदीप कुमार सोनू की आकस्मिक मृत्यु, चंदवा के समाजसेवी कैलाश बाबू, थाना टोली निवासी संतोष सिंह और बुध बाजार निवासी संतोष अग्रवाल के निधन पर भी शोक व्यक्त किया गया.
