लातेहार टूरिज्म और नेचर एंड ह्यूमन रिसोर्स वेलफेयर फाउंडेशन की पहल बन रही है प्रेरणा

अर्थ डे पर विशेष

अर्थ डे पर विशेष चंद्रप्रकाश सिंह. लातेहार. धरती को सुरक्षित और हरा-भरा बनाये रखने के उद्देश्य से हर वर्ष 22 अप्रैल को अर्थ डे मनाया जाता है. इसी दिशा में लातेहार जिला में पर्यावरण संरक्षण की अनूठी पहल चल रही है. लातेहार टूरिज्म और नेचर एंड ह्यूमन रिसोर्स वेलफेयर फाउंडेशन ने नेतरहाट, बेतला, महुआडांड़, गारू, लोध फॉल और पलामू टाइगर रिज़र्व के आसपास जंगल बचाने, पौधारोपण करने और लोगों को जागरूक करने का अभियान शुरू किया है. पर्यटक पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाते हैं संस्था का मानना है कि यदि जंगल सुरक्षित रहेंगे तभी आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध पानी और प्राकृतिक संतुलन मिल सकेगा. इस अभियान से पर्यटकों को भी जोड़ा गया है. नेतरहाट आने वाले पर्यटक अब केवल घूमने तक सीमित नहीं रहते, बल्कि पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी भागीदारी निभाते हैं. पेड़ का रक्षा बंधन अभियान के तहत पर्यटक पौधों में रक्षा-सूत्र बांधकर उनकी सुरक्षा का संकल्प लेते हैं. गर्मी के दिनों में जंगलों में लगने वाली आग से हजारों पेड़-पौधे, वन्य जीव और प्राकृतिक संपदा को नुकसान पहुंचता है. इसे रोकने के लिए स्थानीय ग्रामीणों, गाइडों, होटल संचालकों और पर्यटकों को जागरूक किया जा रहा है कि जंगल में आग न लगाएँ और यदि कहीं आग दिखे तो तुरंत प्रशासन या वन विभाग को सूचना दें. जंगलों को बचाना बेहद जरूरी है लातेहार टूरिज्म के गोविंद पाठक का कहना है कि यहां का पर्यटन पर्यावरण पर आधारित है, इसलिए जंगलों को बचाना बेहद जरूरी है. जंगल में हजारों जीवों का वास होता है और पेड़ ही हमें प्राणवायु प्रदान करते हैं. यही कारण है कि संस्था लगातार पृथ्वी को बचाने का प्रयास कर रही है. यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि लोगों को यह संदेश भी देती है कि धरती की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है.

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By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

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