चंद्र प्रकाश सिंह
Latehar (बेतला): झारखंड वन श्रमिक यूनियन कार्यकारिणी की बैठक रविवार को बेतला में हुई, जिसकी अध्यक्षता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सिद्धिनाथ झा ने की. बैठक में वन अधिकारियों के रवैये पर कड़ा आक्रोश व्यक्त करते हुए पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों के खिलाफ 19 मई से क्षेत्र निदेशक कार्यालय पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने का निर्णय लिया गया. यूनियन के अध्यक्ष सिद्धिनाथ झा ने कहा कि पीटीआर प्रशासन के संदिग्ध कार्यकलापों के कारण वर्तमान में 350 से अधिक वन श्रमिक गंभीर संकट से जूझ रहे हैं.
अधिकारियों पर राशि गबन का आरोप
उन्होंने कहा कि अधिकारियों द्वारा मजदूरों की मजदूरी, खाद्यान्न भत्ता और एरियर की राशि का बड़े पैमाने पर गबन किया गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही राज्य स्तर के वरिष्ठ पदाधिकारियों और मंत्रियों से मिलकर पलामू टाइगर रिजर्व के अधिकारियों की मनमानी और अन्याय के खिलाफ मांग पत्र सौंपेगा. यदि इस पर जल्द ही कोई उच्च स्तरीय कार्रवाई नहीं हुई, तो यूनियन आर-पार का दीर्घकालीन आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होगी.
बुनियादी अधिकारों से किया जा रहा वंचित
बैठक में अन्य वक्ताओं ने कहा कि पीटीआर में ग्राउंड लेवल पर दिन-रात मेहनत करके ये वन श्रमिक ही मुख्य भूमिका निभाते हैं. इन्हीं मजदूरों की बदौलत आज पलामू टाइगर रिजर्व का जंगल और वन्यजीव पूरी तरह सुरक्षित हैं. इसके बावजूद, इन अग्रिम पंक्ति के कर्मियों को ही बुनियादी अधिकारों से वंचित कर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है.
यूनियन ने लगाये भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
बैठक के दौरान वन श्रमिकों के शोषण और वित्तीय अनियमितताओं के मुख्य बिंदुओं को उठाया गया. कहा गया कि पीटीआर के 100 कुशल मजदूरों के बकाया एरियर की राशि का गबन किया गया है. कुशल श्रेणी के मजदूरों को अकुशल मजदूर मानकर भुगतान किया गया और शेष राशि हड़प ली गयी. वन श्रमिकों को मिलने वाले लगभग 11,000 रुपये के खाद्यान्न भत्ते की जगह कुछ चुनिंदा लोगों को मात्र 2,000 से 5,000 रुपये देकर बाकी रकम का गबन कर लिया गया.
बिना वजह की जा रही छंटनी
यह भी बताया गया कि बिना किसी ठोस कारण के लगातार वन श्रमिकों की छंटनी की जा रही है. वहीं, गारू पूर्वी के ट्रैकर लल्लू उरांव की करंट लगने से हुई दुर्घटना को दबाने के लिए अधिकारियों द्वारा इसे पेड़ से गिरने का मामला बताया जा रहा है. यूनियन ने इन सभी मामलों की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है. बैठक में अबुल हसन ,फैज आलम, अशोक सिंह, मोमिन अंसारी, श्रीकांत मिश्रा, बलराम यादव, मनोज पासवान, बेनेदिक लकड़ा, लालजीत उरांव, सुशील उरांव, सुधीर तिवारी, मुकुट स्टीफन तिर्की, सुरेंद्र मेहता सहित बड़ी संख्या में वन श्रमिक और यूनियन के प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित थे.
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