आलोचनात्मक सोच से डिजिटल साक्षरता तक कई क्षमताओं को विकसित करने पर जोर

आलोचनात्मक सोच से डिजिटल साक्षरता तक कई क्षमताओं को विकसित करने पर जोर

बरवाडीह़ प्रखंड के शांतिनिकेतन पब्लिक स्कूल में 21वीं सदी के शिक्षण कौशल को लेकर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के निदेशक डॉ पवन कुमार ने की और संचालन प्राचार्य शांतनु डे ने किया. मौके पर निदेशक श्री कुमार ने कहा कि बदलते समय में शिक्षकों के लिए शैक्षणिक योग्यता में लगातार अपडेट रहना आवश्यक है. प्रशिक्षण के दौरान रिसोर्स पर्सन सह मास्टर ट्रेनर रीति मल्होत्रा ने आधुनिक शैक्षणिक माहौल में शिक्षकों की भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चों के अधिगम पैटर्न में काफी बदलाव आया है, ऐसे में शिक्षकों को भी स्वयं में नयी क्षमताएं विकसित करनी होंगी. उन्होंने कौशल विकास और अन्य शैक्षणिक लक्ष्यों को केंद्र में रखकर शिक्षा को आधुनिक बनाने पर जोर दिया. रीति मल्होत्रा ने कहा कि शिक्षकों की योग्यता केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि आलोचनात्मक सोच, संचार कौशल, सहयोग, रचनात्मकता, डिजिटल साक्षरता, समस्या समाधान, अनुकूलनशीलता, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और वैश्विक जागरूकता जैसे कौशल आज के समय की जरूरत हैं. प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने पंचपदी के पांचों चरण अदिति (परिचय), बोध (समझ), अभ्यास, प्रयोग और प्रसार के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी. मौके पर वाइस प्रिंसिपल प्रिया डे, उमाशंकर उपाध्याय, राहुल सरकार, करण दुबे, शंकर कुमार, आशीष मिश्रा, रानी कुमारी, नेहा परवीन, फातिमा परवीन, आरफा परवीन, स्नेहा कुमारी, सोनी कुमारी, रूपा कुमारी, शिवांगी कुमारी, नवीन कुमार सहित विद्यालय के सभी शिक्षक मौजूद थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >