बालूमाथ. प्रखंड में सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियांखांड़ कोल परियोजना में कोयला उत्खनन का कार्य कर रहे पीएनएमएल कंपनी व सीसीएल के कार्य प्रणाली को लेकर स्थानीय विस्थापितों व ट्रक मालिकों का रोष बढ़ता जा रहा है. ट्रक मालिक सह विस्थापित दिलीप यादव, काली यादव, उमेश यादव, मोहन यादव, मुंगेश्वर यादव, कृष्णा यादव, राजेश यादव, सकिंदर यादव, जागेश्वर साव, मो वारिस, मो दानिश, मो अरशद, राजेश राम, मो जुबेर, मो मुस्तफा, झमेंद्र यादव, तिवारी यादव, किशुन यादव, राहुल यादव, अजय यादव, संजय यादव, विनोद यादव, कृष्णा यादव, मुकेश यादव, तिलकधारी साव, बसंत साव, राजेंद्र यादव, विकास यादव, रौशन यादव, रवि यादव समेत अन्य ने कहा कि इन दिनों सीसीएल व पीएनएमएल कंपनी द्वारा कोयला के नाम पर पत्थरों का पहाड़ खड़ा कर दिया गया है. लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी व सीसीएल मिलीभगत कर यहां कोयला की क्वालिटी खराब दिखलाना चाह रही है, ताकि यहां भविष्य में हाइवा चलाया जाये. यह बड़ी साजिश है. उक्त लोगों की मानें तो अब तक आठ लाख टन कोयला में करीब तीन लाख टन पत्थर का पहाड़ यहां जमा है. खराब क्वालिटी के कोयला देने के कारण यहां से कई कंपनियों ने कोयला लेना बंद कर दिया है. लोगों ने बताया कि जब से यह कोलियरी खुली है, तब से यहां सिर्फ ट्रकों से ही कोयला का ढुलाई होता है, पर रेजिंग कंपनी मनमाने तरीके से कोयला की क्वालिटी खराब दिखाकर यहां हाइवा चलाने की साजिश कर रही है. इसका विरोध करने पर झूठा मुकदमा में फंसाने की साजिश की जाती है. लोगों ने कहा कि कंपनी द्वारा वर्तमान में किये गये कोयला रेजिंग के ग्रेड की जांच कराये जाये तो चौंकाने वाले मामले सामने आयेंगे. ग्रामीणों ने एक स्वर से यहां हाइवा नहीं चलाने देने का संकल्प जताया.
कोयला स्टॉक में बढ़ता जा रहा पत्थरों का पहाड़, विस्थापित-ओनरों ने जताया रोष
प्रखंड में सीसीएल द्वारा संचालित तेतरियांखांड़ कोल परियोजना में कोयला उत्खनन का कार्य कर रहे पीएनएमएल कंपनी व सीसीएल के कार्य प्रणाली को लेकर स्थानीय विस्थापितों व ट्रक मालिकों का रोष बढ़ता जा रहा है.
