बारियातू़ चांद का दीदार होते ही इस्लाम धर्म का पवित्र महीना माह-ए-रमजान गुरुवार से श्रद्धा व उत्साह के साथ शुरू हो गया. रमजान को लेकर मस्जिद व घर में विशेष तैयारियां की गयीं हैं. बाजार में खजूर, ड्राई फ्रूट, फल व सेहरी-इफ्तार से जुड़ी सामग्री की दुकानें सज गयी है. बारियातू में इटके, साल्वे, शिबला, फुलसु, डाढ़ा व अन्य मुस्लिम बहुल इलाकों में रमजान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है. बुधवार की शाम चांद नजर आने के साथ ही शाम से ही विशेष तरावीह की नमाज शुरू हो गयी. इसमें काफी संख्या में नमाजी शामिल हो रहे हैं. इटके जामा मस्जिद के इमाम हाफिज शमसाद ने रमजान की महता बतायी. कहा कि यह महिना इबादत, रहमत व नेकियों से भरपूर होता है. यह केवल अल्लाह व बंदों के रिश्ते को मजबूत करने का जरिया नहीं, बल्कि आत्मसंयम, सहयोग व परोपकार का संदेश भी देता है. उन्होंने बताया कि रमजान में किये गये नेक कार्यों का सवाब 70 गुना बढ़ा दिया जाता है. इसलिए सभी धर्मावलंबियों से पूरे 30 रोजे रखने व रमजान के नियमों का पालन करने की अपील की. इटके गांव की पांच वर्षीय अनम रफीक ने भी पहला रोजा रखा. अनम ने कहा कि वह अपनी चार सहेलियों के साथ रोजा रख रही है. रमजान को लेकर सभी खुश हैं.
माह-ए-रमजान शुरू, इबादत व रहमत के साथ मुस्लिम समुदाय ने रखा पहला रोजा
माह-ए-रमजान शुरू, इबादत व रहमत के साथ मुस्लिम समुदाय ने रखा पहला रोजा
