जलस्त्रोत सूखने से पेयजल संकट गहराया

सुबह उठते ही पानी की तलाश में जुट जाते हैं ग्रामीण.

बारियातू. प्रखंड के सुदूरवर्ती बालूभांग पंचायत स्थित बाजारटांड़ व इंदूआ गांव में जलस्रोतों के सूखने से पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है. गांव में तालाब, पोखर व नदी सूख गयी है. चापानल व कुओं का जलस्तर नीचे चला गया है. गांव में लगी सभी जलमीनारें जवाब दे चुकीं हैं. ग्रामीणों को पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है. इंदूआ के ग्रामीण तीन सौ मीटर दूर स्थित एक पुराने कुएं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाने को विवश हो गये हैं. सुबह से ही लोग पानी के जुगाड़ में लग जाते हैं. ग्राम प्रधान बेचन यादव ने बताया कि जहां-तहां से पानी लाकर प्यास बुझा रहे हैं. जलमीनार सिर्फ दिखावे की चीज बन कर रह गयी है. संतोष यादव, सुषमा देवी, मोहनी देवी व बिलोखन यादव ने बताया कि सुबह उठते ही पानी की तलाश में जुट जाते हैं. दूर खेत में बने के लगभग 50 वर्ष पुराने कुएं में पानी बचा है. वहीं से पानी लाकर प्यास बुझा रहे है. मवेशियों को पानी पिलाना भी मुश्किल हो गया है. गांव में आठ कुआं, तीन चापानल, पांच तालाब, दो जलमीनार हैं. सभी चापानल खराब पड़े हैं. कुआं, तालाब का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. इस भीषण गर्मी में पुराने कुएं पर ही लोग आश्रित है. सिंचाई का साधन नहीं होने के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है. खेतों में लगी टमाटर, कद्दू, खीरा, ककड़ी, बोदी, धनिया, मूली व झींगी की फसल मुरझा रही है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से पेयजल आपूर्ति कराने की मांग की है.

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