अमन साव को पेश नहीं करने पर कोर्ट हुआ सख्त

मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मो अब्दुल नासिर की अदालत ने काराधीन अभियुक्त अमन साव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश नहीं किये जाने से सख्त आदेश पारित किया है.

लातेहार. मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मो अब्दुल नासिर की अदालत ने काराधीन अभियुक्त अमन साव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश नहीं किये जाने से सख्त आदेश पारित किया है. मो नासिर की अदालत में विचाराधीन बालूमाथ थाना कांड संख्या 166 /22 में कांड अनुसंधानकर्ता प्रेम कुमार निषाद की गवाही के दौरान अमन साव को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश करने का आदेश पारित किया गया. काफी देर तक पेश नहीं करने पर उपस्थित ऑपरेटर से कारा अधीक्षक को सूचित करने का आदेश दिया, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी न तो काराधीक्षक और न तो बंदी अदालत के समक्ष पेश हुए. आरोपी के अधिवक्ता सुनील कुमार ने अदालत को बताया कि इसके पहले गत पांच जुलाई को अमन साव ने पेशी के दौरान जेल में अमानवीय व्यवहार किये जाने का आरोप लगाया था, जिस पर अदालत ने रिपोर्ट तलब की थी, लेकिन गिरिडीह कारा अधीक्षक ने जवाब नहीं दिया है. अदालत ने नाराजगी जताते हुए गिरिडीह कारा प्रबंधन को कारण बताओ नोटिस जारी करने का आदेश पारित किया है. मो नासिर की अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं करने वाले जेल पदाधिकारी के खिलाफ क्यों नहीं उच्च अधिकारियों को सूचित किया जाये. अमन के परिजनों ने गिरिडीह कारा प्रबंधन द्वारा अमन साव के साथ बर्बरता पूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है.

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