नये आदेश से कार्य करने के बाद नहीं हो रहा है भुगतान, संवेदक परेशान

नये आदेश से कार्य करने के बाद नहीं हो रहा है भुगतान, संवेदक परेशान

लातेहार ़ झारखंड में लघु खनिज समनुदाय नियमावली 2004 के नियम 55 को अप्रैल 2026 से विलोपित कर दिया गया है. पहले संवेदक यदि रॉयल्टी चालान जमा नहीं कर पाते थे तो वे दंडस्वरूप दुगनी रॉयल्टी जमा कर देते थे और उनका भुगतान हो जाता था. लेकिन अब मिट्टी, छरी, मोरम और बालू जैसे लघु खनिजों का रॉयल्टी चालान जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है. इस नयी व्यवस्था से संवेदकों का भुगतान अटक गया है क्योंकि बालू और छरी का चालान उपलब्ध कराना कठिन है. परिणामस्वरूप कई संवेदक आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. राज्य सरकार को भी इस व्यवस्था से राजस्व का नुकसान हो रहा है. इसी संदर्भ में सरकार के सचिव मनोज कुमार ने दो जून को खान एवं भू-तत्व विभाग के सचिव को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि पूर्व व्यवस्था को यथावत रखा जाये. पत्र में कहा गया है कि यदि संवेदक चालान जमा नहीं करते हैं तो उन्हें दंडस्वरूप खनिज के स्वामित्व के साथ-साथ बराबर की राशि जमा करनी चाहिए. सचिव ने स्पष्ट किया है कि विकास योजनाओं में लघु खनिजों की रॉयल्टी जमा करने की पूर्व व्यवस्था को बनाए रखना आवश्यक है ताकि संवेदकों का भुगतान सुचारु रूप से हो सके और राज्य सरकार को राजस्व की हानि भी न हो.

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By Shailesh ambashtha

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