लगातार बारिश खरीफ फसल के लिए नुकसान, धान की खेती पर किसान होंगे निर्भर

लगातार बारिश खरीफ फसल के लिए नुकसान, धान की खेती पर किसान होंगे निर्भर

लातेहार ़ जिले मे लगातार बारिश से अब तक खरीफ के सभी फसल की खेती शुरू नहीं हो सकी है. लगातार हो रही बारिश से किसानों को बादाम, मूंग, अरहर व तील समेत अन्य फसलों के लिए खेत तैयार करने का मौका ही नहीं मिल सका है. इस कारण खरीफ फसलों के खेत वीरान पड़े हुए हैं. सावन का माह प्रारंभ हो चुका है इसलिए अब खरीफ फसल पर निर्भर किसानों की उम्मीद टूट चुकी है. अब किसान एकमात्र धान की खेती पर निर्भर दिख रहे हैं. हालांकि, कई किसान बिचड़ा तो खेत में कर दिये हैं लेकिन लगातार बारिश से उसे नुकसान पहुंच रहा है. कई खेती को हो रहा है नुकसान : जिले में लगातार बारिश से कई खेती को नुकसान हो रहा है. खरीफ फसल तो लगातार बारिश से प्रभावित हो चुका है. लगातार बारिश से जिले के छोटे-माेटे किसान तथा सब्जी की खेती करने वाले को काफी नुकसान हुआ है. लगातार बारिश से सब्जी की खेती में पानी घुस जाने से फसलों में कीड़ा व अन्य कीटनाशक लग गये हैं. जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है. जुलाई माह में 159 मिमी अधिक हुई है बारिश : जिले में जुलाई माह में अब तक वास्तविक वर्षापात से 159 मिमी अधिक वर्षा हुई है. जुलाई माह में अब तक 185.8 मिमी वर्षापात होना चाहिए था लेकिन अब तक 344.7 मिमी वर्षापात दर्ज की गयी है. प्रखंड वार वर्षापात का आकंड़ा देखे तो सबसे अधिक चंदवा प्रखंड में 290.6 मिमी वर्षापात दर्ज की गयी है. इसके बाद सरयू प्रखंड में 283 मिमी वर्षापात दर्ज की गयी है. जबकि लातेहार प्रखंड में 107.3 मिमी, बालूमाथ में 95.2 मिमी, हेरहंज में 196 मिमी, बारियातू में 73 मिमी, मनिका में 224.4 मिमी, बरवाडीह में 214.8 मिमी, गारू में 168.8 मिमी तथा महुआडांड़ प्रखंड में 157.6 मिमी वर्षापात दर्ज किया गया है. यह आकंड़ा 12 जुलाई तक का है.

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Published by: Shailesh ambashtha

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