बालूमाथ: स्थानीय सीएचसी स्थित ट्रामा सेंटर परिसर में रविवार को राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत 18 वर्ष उम्र तक के बच्चों की स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किया गया. शिविर में बच्चों में जन्मजात विकृति, बाल्यावस्था की बीमारियां, पोषक तत्वों की कमी से होने वाली बीमारियां व शारीरिक एवं मानसिक विकास में देरी समेत चार प्रमुख श्रेणियों से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की गई. जांच टीम ने बच्चों के बाल हृदय स्वास्थ्य की भी जांच की.
डॉक्टर सुरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चों में तेज या असामान्य धड़कन, उम्र के अनुसार वजन नहीं बढ़ना, शरीर या होंठों में नीलापन, बार-बार सर्दी-खांसी होना, सांस लेने में परेशानी तथा सामान्य से अधिक पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई दें तो जन्मजात हृदय रोग की आशंका हो सकती है. ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर आवश्यक उपचार एवं रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया. मौके पर गौरव समेत कई डाक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे.
