क्लीन एंड ग्रीन लातेहार मिशन की शुरुआत

राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर एसएलआरएम के तहत 24 अप्रैल को सदर प्रखंड कार्यालय परिसर से स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया.

लातेहार. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस पर एसएलआरएम के तहत 24 अप्रैल को सदर प्रखंड कार्यालय परिसर से स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया. उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता एवं भारतीय हरित सेवा के परियोजना निदेशक सी श्रीनिवासन ने हरी झंडी दिखाकर इसका शुभारंभ किया. उपायुक्त ने इस पहल की सराहना की. उन्होंने कहा कि स्वच्छता सिर्फ एक दिन की गतिविधि नहीं, बल्कि यह निरंतर चलनेवाली जिम्मेदारी है. उन्होंने अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों को साफ-सुथरा बनाये रखने में योगदान करने की अपील सभी लोगों से की. कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल स्वच्छता को बढ़ावा देना, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जन सहभागिता के माध्यम से पंचायत व्यवस्था को सशक्त बनाना भी है. मौके पर नगर प्रशासक राजीव रंजन, प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज तिवारी, अंचलाधिकारी अरविंद देवाशीष टोप्पो, भूमि संरक्षण पदाधिकारी विवेक मिश्रा व डीपीआरओ डॉ चंदन आदि मौजूद थे.

क्लीन एंड ग्रीन लातेहार मिशन की शुरुआत: स्वच्छ और हरित लातेहार की परिकल्पना को साकार करने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सॉलिड एवं लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट (एसएलआरएम) के तहत क्लीन एंड ग्रीन लातेहार मिशन की शुरुआत की गयी है. इसे स्थानीय स्तर पर हरियारका लातेहार, फरियारका लातेहार के नाम से जाना जाता है.कार्यक्रम का शुभारंभ गत नौ फरवरी 2025 को हुआ था. इस पहल का उद्देश्य जिले को कचरा मुक्त और पर्यावरण के अनुकूल बनाना है. वहीं महिला सशक्तीकरण और आजीविका संवर्धन की दिशा में काम करना है. अभियान के तहत जिले के सभी प्रखंडों में व्यापक बेसलाइन सर्वेक्षण किये गये हैं. इस कार्य में 850 से अधिक ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को शामिल किया गया है. उन्हें कचरा प्रबंधन, कचरा पृथक्करण, पुनर्चक्रण और वैज्ञानिक तरीके से अपशिष्ट निस्तारण की विधियों में प्रशिक्षित किया गया है. इस पहल से अब तक 100 से अधिक सूखी पत्तियों के खाद्य निर्माण हेतु कंपोस्ट पिट्स का निर्माण किया जा चुका है. जिला मुख्यालय स्थित बहुउद्देशीय भवन में निर्मित तृतीयक पृथक्करण केंद्र को पूर्ण रूप से क्रियाशील की जायेगी. अभियान को सफल बनाने में भारतीय हरित सेवा के परियोजना निदेशक सलाहकार सी श्रीनिवासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. उनके द्वारा समय समय पर जल सहिया व स्वयं सहायता समूह की दीदियों को अवांछित ठोस और तरल पदार्थों के उपचार और पुनर्चक्रण के विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया गया है.

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By ANUJ SINGH

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