पीटीआर में महुआ चुनने के लिए लगायी जा रही आग, एआइ से निगरानी

पीटीआर में महुआ चुनने के लिए लगायी जा रही आग, एआइ से निगरानी

बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) और इसके आसपास के जंगलों में महुआ चुनने के लिए आग लगाने की घटनाओं ने विकराल रूप ले लिया है. मार्च की शुरुआत के साथ ही वन संपदा और वन्यजीवों पर संकट गहराने लगा है. गुरुवार को बरवाडीह-कुटमू चौक के समीप डोरामी के जंगलों में लगी भीषण आग से हजारों छोटे-बड़े पेड़-पौधे और प्राकृतिक बीज जलकर नष्ट हो गये. ग्रामीण महुआ के फूलों को चुनने के लिए पेड़ों के नीचे सूखे पत्तों को जला देते हैं, जो तेज हवाओं के कारण पूरे जंगल में फैल जाती है. एआइ और ड्रोन से पीटीआर प्रबंधन की नजर : पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने बताया कि आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए इस बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) और ड्रोन तकनीक का सहारा लिया जा रहा है. उपग्रह (सैटेलाइट) आधारित मॉनिटरिंग के जरिये रियल टाइम में आग की लोकेशन का पता लगाया जा रहा है. 200 गांवों में अलर्ट, तैनात हुए फायर वॉरियर : पीटीआर के करीब 200 से अधिक गांवों में सालाना 400 से अधिक आगजनी की घटनाएं दर्ज होती हैं. इससे निपटने के लिए विभाग ने फायर ब्लोअर, फायर लाइन निर्माण और ””””फायर वॉरियर”””” के दस्ते तैनात किये हैं. इको डेवलपमेंट समितियों के माध्यम से ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है. प्रबंधन ने चेतावनी दी है कि जंगलों में जानबूझकर आग लगाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

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By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

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