लातेहार. झारखंड सरकार की नई दिशा पुनर्वास नीति का असर लगातार दिख रहा है. इसी नीति से प्रभावित होकर जेजेएमपी का कुख्यात उग्रवादी सुरेंद्र लोहरा उर्फ टाइगर जी उर्फ विनोद लोहरा (मांजर, लातेहार) ने गुरुवार को पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण कर दिया. उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह बीते बीस वर्षों से उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय था. आत्मसमर्पण पलामू आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव और सीआरपीएफ 11वीं बटालियन के कमांडेंट याद राम बुनकर के समक्ष हुआ. आत्मसमर्पण के बाद अधिकारियों ने उसे गुलदस्ता और शॉल भेंट कर समाज की मुख्यधारा में गर्मजोशी से स्वागत किया. सभी निर्धारित सहायता और सुविधाएं प्रदान की जायेंगी
सरकार की नयी दिशा नीति और सुरक्षा एजेंसियों के दबाव ने उसे आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया. यह घटना इस बात का प्रमाण है कि हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज में सम्मानजनक जीवन जीना संभव है. पुनर्वास नीति का उद्देश्य उग्रवादियों को मुख्यधारा में लाना है और सुरेंद्र लोहरा का आत्मसमर्पण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है.
