बरवाडीह : प्रखंड मुख्यालय स्थित प्राचीन पहाड़ी मंदिर परिसर में मंगलवार की रात सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ हुआ. पहले दिन प्रसिद्ध कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संगीतमय भागवत कथा का श्रवण कराया. कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से पूजा-अर्चना के साथ हुई. आयोजन समिति के मुख्य यजमान निरंजन सिंह सपत्नीक शामिल हुए.
मौके पर जिला परिषद सदस्य संतोषी कुमारी ने कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री का तिलक कर पूजा-अर्चना की. करीब तीन घंटे तक चले कथा कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा. संगीतमय कथा के बीच श्रद्धालु राधे-राधे के जयकारे लगाते हुए भक्ति में झूमते नजर आये.
भक्ति से समाज में प्रेम और भाईचारा बढ़ता है
कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री ने कहा कि भगवान की भक्ति किसी जाति, धर्म या वर्ग की सीमा में बंधी नहीं है. भक्ति वह शक्ति है, जो इंसान को इंसान से जोड़ती है. जात-पात, ऊंच-नीच और भेदभाव से ऊपर उठकर भगवान के नाम से जुड़ने पर ही समाज में वास्तविक प्रेम और भाईचारा स्थापित हो सकता है.
उन्होंने कहा कि समाज को मजबूत बनाने के लिए सभी लोगों को आपसी प्रेम, सद्भाव, सेवा और सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए.
कार्यक्रम में अनिल कुमार द्विवेदी, सुधा दुबे, रेखा पाठक, प्रवेश कुमार, कुलदीप कुमार, विकास कुमार, पंडित मृत्युंजय मिश्रा, छोटे सिंह, रणजीत सिंह राणा, शशिकांत मंडल, अनुज सिन्हा, आशा देवी, दीपक सिंह, राजा कुमार, खुशबू, गोलू, प्रिया, जिया, पीहू समेत काफी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे.
