बरवाडीह. लातेहार के बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय स्थित पहाडी मंदिर परिसर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का समापन मंगलवार को हवन-पूजन और भंडारे के साथ हुआ. अंतिम दिन कथावाचक पंडित अनुराग कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया. उन्होंने कहा कि ईश्वर एक है और सभी के लिए समान है. धर्म और जाति के आधार पर ईश्वर के यहां कोई भेद नहीं है. उन्होंने श्रद्धालुओं से आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव के साथ जीवन जीने का संदेश दिया.
कथा के दौरान श्रीकृष्ण-सुदामा की मित्रता का प्रसंग सुनाया गया. बाल कलाकारों ने श्रीकृष्ण और सुदामा की झांकी प्रस्तुत की. इससे श्रद्धालु भावविभोर हुए.
श्री शास्त्री के नेतृत्व में बरसाना की फूलों की होली का आयोजन भी हुआ. भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के साथ सैकडों श्रद्धालुओं ने फूलों की होली का आनंद लिया. आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में रहा.
मौके पर निरंजन सिंह, छोटे सिंह, राणा सिंह, अरुण सिंह, अनिल कुमार द्विवेदी, सुधा दुबे, रेखा पाठक, आशा देवी, संध्या देवी सहित समिति के सदस्य और श्रद्धालु मौजूद थे.
