अरशद की रिपोर्ट
लातेहार,बालूमाथ. बालूमाथ का सरकारी अस्पताल भले ही मरीजों का इलाज कर रहा हो, लेकिन अस्पताल परिसर में पसरी गंदगी और कचरे की समस्या देखकर लगता है कि अस्पताल खुद ही सफाई व्यवस्था के इलाज का इंतजार कर रहा है. अस्पताल परिसर और मुख्य द्वार के आसपास फैली गंदगी से मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर
बारिश के बाद स्थिति और भी बदतर हो जाती है. जगह-जगह जमा सड़े-गले कचरे से दुर्गंध उठने लगती है, जिसके कारण मरीजों और उनके अटेंडेंट को नाक पर रुमाल रखकर अस्पताल में प्रवेश करना पड़ता है. बताया जाता है कि करीब एक सप्ताह पूर्व बालूमाथ के अंचलाधिकारी बालेश्वर राम और प्रखंड विकास पदाधिकारी सोमा उरांव ने संयुक्त रूप से क्षेत्र के दुकानदारों को घूम-घूमकर चेतावनी दी थी कि वे स्वयं अतिक्रमण और गंदगी हटा लें, अन्यथा प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जाएगी. इसके बावजूद अस्पताल के आसपास गंदगी फैलाने का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है.
अस्पताल परिसर में गंदगी गंभीर चिंता का विषय
बालूमाथ अस्पताल में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा शहर और आसपास के लोग भी इलाज कराने पहुंचते है. ऐसे में अस्पताल परिसर में गंदगी का इस तरह जमा रहना गंभीर चिंता का विषय है. खासकर पुराने प्रसव भवन के ठीक बगल में सड़े-गले कचरे का अंबार लगा हुआ है, जिससे लगातार दुर्गंध आ रही है. बताया जा रहा है कि यहां सब्जी दुकानदारों द्वारा सड़ी-गली सब्जियां फेंक दी जाती है. इससे उठने वाली दुर्गंध से मरीजों और आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है.
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तत्काल सफाई कराने की मांग
झामुमो प्रखंड अध्यक्ष प्रदीप गंझू ने अस्पताल प्रबंधन और प्रशासन से अस्पताल परिसर की तत्काल सफाई कराने, खुले में मेडिकल कचरा फेंकने पर रोक लगाने तथा अस्पताल के आसपास गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है. ताकि मरीजों को स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण में इलाज की सुविधा मिल सके.
