लातेहार: जंगल में फेंकी मिलीं लाखों की सरकारी दवाइयां, स्वास्थ्य मंत्री और सरकार पर भड़के बाबूलाल मरांडी

Babulal Marandi: लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र में दो मुहान नदी के पास जंगल में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां फेंके जाने का मामला प्रकाश में आया है. इस पर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वायरल वीडियो साझा कर स्वास्थ्य मंत्री और हेमंत सरकार पर रील बनाने और डायलॉगबाजी का आरोप लगाते हुए तीखे सवाल पूछे हैं.

रांची से सतीश सिंह की रिपोर्ट

Babulal Marandi, रांची: लातेहार जिले के मनिका थाना और दो मुहान नदी के बीच जंगल में भारी मात्रा में सरकारी दवाइयां फेंके जाने का एक गंभीर मामला सामने आया है. इस घटना के बाद राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को साझा करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर तीखा हमला बोला है.

जनता के टैक्स का पैसा सड़क पर बिखेरा: बाबूलाल

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जंगल में जो फेंकी गई हैं, वे सिर्फ दवाइयां नहीं हैं, बल्कि गरीब मरीजों के इलाज का अधिकार है. यह जनता के टैक्स का पैसा और सरकारी जवाबदेही है, जिसे इस तरह सड़क और जंगलों में बिखेर दिया गया है. उन्होंने कहा कि आज झारखंड का गरीब मरीज अस्पतालों में एक-एक जरूरी दवा के लिए दर-दर भटक रहा है. राज्य के सरकारी अस्पतालों में कहीं डॉक्टर नहीं हैं, तो कहीं बेड और जांच की सुविधा का घोर अभाव है. ऐसी बदहाली के बीच लाखों रुपये की सरकारी दवाइयां एक्सपायर होने या लापरवाही के कारण फेंक दी जाती हैं, जो बेहद चिंताजनक है.

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बाबूलाल मरांडी ने स्वास्थ्य मंत्री पर साधा निशाना

बाबूलाल मरांडी ने मंत्री इरफान अंसारी पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री को जनता की पीड़ा और अस्पतालों की दुर्दशा सुधारने से ज्यादा सोशल मीडिया पर रील बनाने, कैमरे के सामने बयानबाजी करने पर रहता है. उन्हें आलोचकों को मुकदमों की धमकी देने में दिलचस्पी है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि रील और कैमरों से अस्पताल नहीं चलते और न ही केवल डायलॉगबाजी से गरीब मरीजों का इलाज संभव होता है.

मुख्यमंत्री से पूछे तीखे सवाल, कार्रवाई की मांग

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने इस पूरी लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए हैं. उन्होंने कहा कि जब राज्य के गरीब मरीज दवाओं के लिए परेशान थे, तो ये सरकारी दवाइयां जंगल में कैसे और क्यों पहुंचीं? विभाग के किस अधिकारी या व्यवस्था के संरक्षण में इतनी बड़ी लापरवाही को अंजाम दिया गया? इस मामले के सामने आने के बाद अब तक कितने दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की गयी है? उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि हेमंत सरकार अपनी विफलताओं को छुपाने के लिए हमेशा की तरह सवाल पूछने वालों को केस-मुकदमे की धमकी देकर डराने का खेल खेल रही है, लेकिन विपक्ष जनता के हक की आवाज उठाना बंद नहीं करेगा.

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Published by: Sameer Oraon

समीर उरांव, डिजिटल मीडिया में सीनियर जर्नलिस्ट हैं और वर्तमान में प्रभात खबर.कॉम में सीनियर कटेंट राइटर के पद पर हैं. झारखंड, लाइफ स्टाइल और स्पोर्ट्स जगत की खबरों के अनुभवी लेखक समीर को न्यूज वर्ल्ड में 5 साल से ज्यादा का वर्क एक्सपीरियंस है. वह खबरों की नब्ज पकड़कर आसान शब्दों में रीडर्स तक पहुंचाना बखूबी जानते हैं. साल 2019 में बतौर भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता करने के बाद उन्होंने हिंदी खबर चैनल में बतौर इंटर्न अपना करियर शुरू किया. इसके बाद समीर ने डेली हंट से होते हुए प्रभात खबर जा पहुंचे. जहां उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग और वैल्यू ऐडेड आर्टिकल्स लिखे, जो रीडर्स के लिए उपयोगी है. कई साल के अनुभव से समीर पाठकों की जिज्ञासाओं का ध्यान रखते हुए SEO-ऑप्टिमाइज्ड, डेटा ड्रिवन और मल्टीपल एंगल्स पर रीडर्स फर्स्ट अप्रोच राइटिंग कर रहे हैं.

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