महुआडांड़,लातेहार : मेदिनीनगर-महुआडांड़ मुख्य मार्ग पर राजडंडा नदी का पुल ध्वस्त होने से क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी बढ़ गयी है. मुख्य मार्ग पर आवागमन बाधित होने के कारण ग्रामीणों को वैकल्पिक रास्तों से लंबी दूरी तय कर महुआडांड़ आना-जाना पड़ रहा है. इससे यात्रियों को अतिरिक्त किराया देने के साथ अधिक समय भी लग रहा है.
ग्रामीणों की परेशानी को देखते हुए स्थानीय समाजसेवी मजहर खान के नेतृत्व में बुधवार को क्षेत्र के ऑटो चालकों ने पहल की. ऑटो चालकों ने आपस में चंदा जुटाया और श्रमदान कर राजडंडा नदी के पास डायवर्सन तैयार किया.
बोरों में बालू भरकर तैयार किया रास्ता
डायवर्सन को मजबूत बनाने के लिए ऑटो चालकों ने सीमेंट और जूट के खाली बोरों में बालू भरी. इसके बाद इन बोरों को टूटे हुए पुल के ऊपर बिछाया गया. उसके ऊपर मिट्टी और अन्य सामग्री डालकर आवागमन के लिए अस्थायी रास्ता तैयार किया गया.
इस कार्य में ऑटो चालकों ने स्वयं श्रमदान किया और रास्ता बनाने में जुटे रहे. स्थानीय लोगों ने ऑटो चालकों की इस पहल की सराहना की.
बाजार और अस्पताल जाने में हो रही थी परेशानी
ऑटो चालकों ने बताया कि पुल टूटने के बाद ग्रामीणों को काफी लंबी दूरी तय करनी पड़ रही थी. इससे यात्रियों को अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा था और आने-जाने में अधिक समय लग रहा था.
खासकर बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और अन्य जरूरी कामों के लिए महुआडांड़ आने-जाने वाले ग्रामीणों को परेशानी हो रही थी. ग्रामीणों की इसी समस्या को देखते हुए ऑटो चालकों ने आपसी सहयोग से डायवर्सन बनाने का निर्णय लिया.
