युवाओं को एग्रीकल्चर की सीख दे रहे हैं अरविंद

मन में समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी काम कठिन नहीं होता है. इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है लातेहार के अति सुदूर सेमरी ग्राम में रहनेवाले अरविंद सिंह ने.

लातेहार. मन में समाज के लिए कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो कोई भी काम कठिन नहीं होता है. इस कहावत को चरितार्थ कर दिखाया है लातेहार के अति सुदूर सेमरी ग्राम में रहनेवाले अरविंद सिंह ने. उन्होंने स्किल इंडिया की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया है. उनकी इच्छा शक्ति ने ही उन्हें सुदूर ग्राम से महानगरों तक पहुंचा दिया है. अति उग्रवाद प्रभावित घनघोर जंगली क्षेत्र से ताल्लुकात रखनेवाले अरविंद सिंह ट्रांसमिटो डेवलपमेंट फाउनडेशन की ओर से पुरस्कृत भी किये जा चुके हैं. वह अपने क्षेत्र के बेरोजगार युवक-युवतियों को एयरोपोनिक्स एग्रीकल्चर एवं विभिन्न घरेलू उत्पादों को बनाने की कला सीखा रहे हैं. श्री सिंह कहते हैं कि वह नहाने और धोने के साबुन समेत वाशिंग पाउडर, बाथरूम क्लीनर एवं फिनाइल खुद से निर्माण करते हैं. गांव-गांव में लोगों को इसे बनाने की विधि से अवगत करा रहे हैं, ताकि लोग स्वावलंबी बन सके. उनकी ओर से दिये जा रहे प्रशिक्षण में काफी संख्या में ग्रामीण युवक-युवतियां हिस्सा ले रहे हैं. अपने बलबूते पर उन्होंने क्षेत्रीय औद्योगिक क्षेत्र में एक अपनी अलग पहचान बनायी है. श्री सिंह की उपलब्धि पर सुनील कुमार, होटल कार्निवल के प्रोपराइटर राजू रंजन प्रसाद, इंडिगो फोर्स के डायरेक्टर सखी सरवर चिश्ती, सुपरवाइजर दिनेश यादव व सुनीता देवी आदि ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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