बालूमाथ़ प्रखंड के आरा गांव निवासी रेवा गंझू ने अपने पूर्वजों की रैयती खतियानी जमीन पर सीसीएल द्वारा जबरन कोयला उत्खनन करने का आरोप लगाया है. इस संबंध में उसने लातेहार उपायुक्त को आवेदन देकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है. आवेदन में उसने कहा है कि उनके दादा स्व. गोखुल गंझू के नाम पर ग्राम आरा एवं हुडडुरवा गांव में विभिन्न खातों में कुल 38 एकड़ रैयती जमीन दर्ज है. उक्त जमीन को मगध कोल प्रोजेक्ट परियोजना द्वारा प्रशासनिक दबाव दिखाकर जबरन अधिग्रहित कर लिया गया है. वहां बड़े पैमाने पर कोयला उत्खनन का कार्य किया जा रहा है. रेवा गंझू ने कहा कि जब वे और उनके गोतिया लोग जमीन पर काम रुकवाने पहुंचे तो परियोजना के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने उनके साथ गाली-गलौज की. साथ ही धमकी भी दी. कहा कि उनके परिवार के किसी भी सदस्य ने अपनी जमीन को परियोजना को नहीं दिया है. ऐसे में जबरन कब्जा और उत्खनन से उनका परिवार दहशत में है. इस संबंध में मगध कोलयरी के परियोजना पदाधिकारी एस सतनारायण ने कहा कि रेवा गंझु का जिस जगह जमीन है. उस जगह पर कोयला खनन या मगध कोलयरी का किसी भी प्रकार का कार्य नहीं किया जा रहा है. उसके द्वारा लगाया गया आरोप बिल्कुल ही निराधार है.
रैयती जमीन पर जबरन कोयला उत्खनन का आरोप, मदद की गुहार
रैयती जमीन पर जबरन कोयला उत्खनन का आरोप, मदद की गुहार
