धुमकुड़िया भवन पर कब्जा का आरोप, जांच कर मुक्त कराने की मांग
प्रखंड के साल्वे पंचायत अंतर्गत गुरू साल्वे गांव में कल्याण विभाग की पहल पर बनाये गये धुमकुड़िया भवन पर निजी तरीके से कब्जा करने का आरोप कुछ लोगों ने लगाया है.
By DEEPAK | Updated at :
बारियातू. प्रखंड के साल्वे पंचायत अंतर्गत गुरू साल्वे गांव में कल्याण विभाग की पहल पर बनाये गये धुमकुड़िया भवन पर निजी तरीके से कब्जा करने का आरोप कुछ लोगों ने लगाया है. नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि धुमकुड़िया भवन आदिवासी समाज की पहचान होती है. यहां आदिवासी अपने धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम करते है. इससे गांव में काफी सुविधा मिलती है. यहां निर्माण कार्य लाभुक समिति के अध्यक्ष सुरेश उरांव व सचिव रामनाथन उरांव की देखरेख में धुमकुड़िया भवन तो बना, पर इन दिनों गांव के ही बिनोद उरांव ने भवन पर कब्जा कर लिया है. लोगों का कहना है कि यह भवन वे अपने निजी कार्य के लिए उपयोग कर रहे है. इसमें ट्रैक्टर व अन्य सामान रखकर भवन को गोदाम की तरह उपयोग कर रहे है. धुमकुड़िया भवन के निजी कब्जे के कारण आदिवासी समाज के लोग परेशान है. वे अपनी बैठकें व अन्य सामाजिक कार्य एकजूट होकर नहीं कर पा रहे है. ग्रामीणों ने उपायुक्त से मामले की जांच कर भवन को कब्जा मुक्त कराने की मांग की है, ताकि धुमकुड़िया भवन का मूल उद्देश्य पूरा हो सके.
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