नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज निर्माण का विरोध
महुआडांड़ : प्रखंड के नेतरहाट स्थित टुटवा मोड़ में 25 वां नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज निर्माण का दो दिवसीय विरोध दिवस गुरुवार से शुरू हुआ. फायरिंग रेंज निर्माण एवं विस्थापन का विरोध लातेहार, लोहरदगा व गुमला के हजारों ग्रामीणों ने किया.
नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज निर्माण विरोधी केंद्रीय जन संघर्ष समिति के तत्वावधान में विरोध दिवस आयोजित किया जा रहा है. वक्ताओं ने कहा कि नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज निर्माण होने से हजारों आदिवासियों को अपना घर व जमीन छोड़ कर यहां से पलायन करना होगा. कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय अध्यक्ष जोरोम जेराल्ड मिड ने की.
मौके पर झाविमो सुप्रीमो बाबूलाल मरांडी ने कहा कि झारखंड की रघुवर दास सरकार पूंजीपतियों के इशारे पर सीएनटी एवं एसपीटी एक्ट में संशोधन कर यहां के आदिवासी एवं मूलवासियों को उनकी जमीन से बेदखल करने का प्रयास कर रही है. यह बरदाश्त नहीं किया जायेगा.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक चमरा लिंडा एवं सुखदेव भगत ने कहा कि आज आदिवासियों को यातनाओं के दौर से गुजरना पड़ रहा है. सरकार आदिवासियों को सिर्फ सब्जबाग दिखाती है. आदिवासियों को अपने हक एवं अधिकार के लिए आगे आना होगा. नेतरहाट फील्ड फायरिंग रेंज निर्माण होने क्षेत्र के आदिवासियों को अपनी जमीन से बेदखल होना होगा. झारखंड सरकार द्वारा सीएनटी व एसपीटी एक्ट के साथ छेड़छाड़ किया जा रहा है, इसका विरोध हर तरफ किया जा रहा है. आदिवासियों को अपने हक की लड़ाई के लिए इसी तरह का संघर्ष करने की आवश्यकता है.
इस कार्यक्रम में मुख्य रूप समिति के सचिव अनिल मनोहर, मानव अधिकार मंच के वास्की, तरशीला मिंज समेत गुमला जिला के चैनपुर, डुमरी, जैरागी, रजावल, नटावल विशुनपुर ,बनारी,चटकपुर लातेहार जिला के महुआडांड ,सोहर,चोरमुंडा, नेतरहाट, बोडाकोना समेत दर्जनों गांवों के हजारों महिला व पुरुष शामिल थे. कार्यक्रम के दौरान विभिन्न आदिवासी छात्र-छात्रों के द्वारा नुक्कड़ नाटक एवं आदिवासी पारंपरिक गीत व नृत्य प्रस्तुत किया गया.
