रांची से सुबह 9.30 बजे चलेगी ट्रेन
दोपहर 12.05 बजे टोरी पहुंचेगी सवारी गाड़ी
टोरी से अपराह्न 2.45 बजे रांची के लिए रवाना होगी ट्रेन
चंदवा : नौ मार्च की दोपहर 3:15 बजे टोरी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर जैसे ही लोहरदगा-टोरी सवारी गाड़ी पहुंची, लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा. इस वक्त के गवाह चंदवा समेत आस-पास के दर्जनों गांव के सैकड़ों लोग बने. लोको पायलट संजय एक्का, सहायक लोको पायलट अजय कुमार, लोको इंस्पेक्टर ए बनर्जी समेत टीम इंजन (16644आर) के साथ ट्रेन लेकर 15:15 बजे टोरी पहुंचे. लोगों ने माला पहनाकर चालक दल के सदस्य का स्वागत किया. टोरी रेलवे स्टेशन के टीआइ शिव शंकर सिंह, स्टेशन अधीक्षक अशोक कुमार ने चालक, गार्ड व टीटीइ को बधाई दी.
इस दौरान बड़ी संख्या में लोग प्लेटफार्म पर मौजूद थे. लोग रेलवे इंजन व बोगी में फोटो भी खिंचवाते दिखे. गौरतलब है कि टोरी-लोहरदगा रेल परियोजना की घोषणा 1996 में हुई थी. इसके बाद नक्सली घटना व अन्य समस्या के कारण कई बार इसका काम रुका. तत्कालीन मुख्य सचिव के विजयकुमार के चंदवा आगमन के बाद पिछले तीन वर्षों में इस परियोजना में काफी तेजी आयी. आखिरकार लोगों का सपना मार्च 2017 में पूरा हो पाया.
टोरी से रांची का भाड़ा 25 रुपये
टोरी से रांची की दूरी 138 किमी है. इसके लिये लोगों को 25 रुपये किराया देना होगा. लोहरदगा तक का किराया दस रुपये रखा गया है. गुरुवार को टोरी स्टेशन से बोदा, बड़की चांपी, लोहरदगा, रांची समेत अन्य स्टेशन के लिये कुल 80 टिकट बिके. हरैया निवासी बलदेव साव ने पहला टिकट लिया. उक्त ट्रेन 9.30 बजे सुबह रांची से खुलेगी. 12:05 में टोरी रेलवे स्टेशन पहुंचेगी. पुन: दोपहर 02:45 बजे उक्त ट्रेन टोरी से प्रस्थान करेगी. शाम 05:25 बजे रांची पहुंचेगी. इधर, माकपा समेत जिला वासियों ने उक्त समय पर खेद जताया है. लोगों ने कहा कि यह ट्रेन शाम में रांची पहुंचेगी. ऐसे में लोगों का कोई काम वहां नहीं होगा. समय सारिणी में परिवर्तन की मांग लोगों ने की है.
27 नंबर पुल पर से ट्रेन का गुजरना करता है रोमांचित
ट्रेन पर यात्रा कर रही कंचन कुमारी, पूर्णिमा वर्मा, बेली दाम समेत दर्जनों यात्रियों ने कहा कि उन्हें वर्षों से इसका इंतजार था. आखिरकार उनकी इच्छा पूरी हुई. गुरुवार को वे ट्रेन में घूमने निकले हैं. बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं व लोग रांची, लोहरदगा से टोरी पहुंचे थे. उसी ट्रेन से सभी वापस भी हुए. उन्होंने बताया कि यह सफर काफी रोमांचक है. 27 नंबर पुल काफी ऊंचा है.
