33 एवं 11 हजार वोल्ट के तार शहर के रिहायशी इलाके से गुजर रहे हैं
कभी भी घट सकती है बड़ी घटना
सुनील कुमार
लातेहार : लातेहार के रिहायशी इलाके से 33 एवं 11 हजार के हाइवोल्टेज तार गुजर रहे हैं. इससे कभी भी कोई बड़ी घटना हो सकती है. शहर के होटवाग, मतनाग, करकट, बाजारटांड़, बानपुर, चंदनडीह, जुबली रोड एवं अमवाटीकर के कई मकानों और छह स्कूल की बिल्डिंग के ऊपर से 33 हजार वोल्ट की मेन लाइन गुजरी है, जो करकट स्थित ग्रिड से पावर सब स्टेशन तक पहुंचती है.
शहर में बाइपास, चटनाही, स्टेशन, धमपरुर एवं शिवपुरी से 11 हजार वोल्ट की दो लाइनें गुजरती है. हाइवोल्टेज कनेक्शन रेलवे, हुटार कोलियरी, मिनरल्स एवं मिनरल्स तथा मंडल सिंचाई परियोजना में लगा है.
काफी पुरानी लाइन है : भास्कर लकड़ा : विद्युत सहायक अभियंता भास्कर लकड़ा का कहना है कि शहर से हाइवोल्टेज तार के गुजरने पर पाबंदी तो है, लेकिन यहां से जो लाइनें गुजरी हैं वे काफी पुरानी हैं. टाउन प्लानिंग के बाद ही इसे हटाया जा सकता है. मालूम हो कि जिस वक्त यह लाइन बिछायी गयी थी, उस वक्त इन इलाकों में आबादी बहुत हुआ करती थी.
हमेशा बना रहता है खतरा : दीपक कुमार, दिलीप उरांव, अजय प्रसाद एवं पिंटू का कहना है कि चंदनडीह विद्यालय से 33 हजार वोल्ट का तार गुजरा है, उनके घरों में भी हमेशा खतरा बना रहता है. चंदनडीह विद्यालय के शिक्षकों ने कई बार विभाग को लिखा है, लकिन तार नहीं हटाया जा रहा है.
कई बार लिखा पत्र नहीं हुई कार्रवाई
शहर के मशहूर राजकीय मध्य विद्यालय चंदनडीह, प्रस्तावित एटलस स्कूल मतनाग, राज पब्लिक स्कूल बानपुर एवं मेनोनाइट स्कूल चंदनडीह के परिसर से 11 हजार वोल्ट के हाइवोल्टेज तार गुजर रहे हैं. इससे कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है. कई स्कूल प्रबंधन ने इस संबंध में कार्रवाई के लिए विद्युत विभाग को पत्र लिखा, लेकिन अब तक किसी ने सुध नहीं ली.
छह माह में चार घटनाएं
चंदनडीह मध्य विद्यालय के सामने मुरली प्रसाद के घर के ऊपर से 33 हजार वोल्ट का तार गुजरा है. इससे सितंबर में श्री प्रसाद के घर का सभी बिजली का सामान जल कर राख हो गया था. नवंबर माह में शिवपुरी मुहल्ले से गुजरे 11 हजार वोल्ट के तार के सपंर्क में आने से 13 वर्षीय बालक गंभीर रूप से घायल हो गया था.
बानपुर स्थित आश्रय छात्रावास के पास से हाइवोल्टेज तार गुजर रहा है. एक जनवरी 2016 को परिसर के पास तार के गिरने से छात्र सोहन सिंह बाल-बाल बच गया था. 20 मार्च को अंबाकोठी में निर्माणाधीन एक भवन में कार्यरत मजदूर इश्वरी सिंह 11 हजार वोल्ट के तार की चपेट में आ गया था.
