सरना और हिंदू समाज की संस्कृति और जड़ें एक हैं : सांसद

सरना और हिंदू समाज की संस्कृति और जड़ें एक हैं : सांसद

महुआडांड़़ प्रखंड स्थित दुर्गा बाड़ी मंदिर परिसर में विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत विशाल शोभायात्रा के साथ हुई. प्रखंड के विभिन्न गांवों से आये लोग शोभायात्रा में शामिल हुए. जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई और सरना माता की जय के नारों के साथ शोभा यात्रा दुर्गा बाड़ी मंदिर से शुरू होकर शास्त्री चौक, बिरसा चौक और रामपुर स्थित विवेकानंद चौक होते हुए दीपाटोली के रास्ते पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां विशाल सभा में तब्दील हो गयी. मौके पर मुख्य अतिथि सांसद कालीचरण सिंह ने कहा कि हिंदू और सरना समाज के बीच कोई भेद नहीं है. उन्होंने कहा सरना और हिंदू अलग नहीं हैं. हमारी संस्कृति और जड़ें एक हैं. उन्होंने धर्मांतरण के मुद्दे पर प्रहार करते हुए कहा कि जो आदिवासी ईसाई धर्म अपना चुके हैं, वे आदिवासी नहीं बल्कि अल्पसंख्यक की श्रेणी में आते हैं. आरएसएस के प्रांत प्रचारक महेंद्र ने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर कहा कि सनातन हिंदू समाज को एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना होगा. सभा को राष्ट्रीय बिरसा फाउंडेशन व बिरसा फ्रंट के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रिया मुंडा, जशपुर छत्तीसगढ़ नगर पालिका के अध्यक्ष अरविंद कुमार भगत, जशपुर छत्तीसगढ़ के युवराज सह नगर पालिका उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव, जशपुर छत्तीसगढ सरना समिति के अध्यक्ष मैनेजर राम नगेसिया, हिंदू महासभा के अध्यक्ष मनोज जायसवाल, संजय कुमार जायसवाल व अधिवक्ता नवीन गुप्ता ने भी संबोधित किया. मौके पर भाजपा जिला अध्यक्ष वंशी यादव, बजरंग दल के विभाग संयोजक सूरज साहू, देवानंद प्रसाद, राजन साहू, आनंद किशोर नाथ शाह, दिलीप प्रसाद गुप्ता, मोहन यादव समेत कई लोग उपस्थित थे.

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Published by: Shailesh ambashtha

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