एक साथ बैठ कर पढ़ते हैं चार कक्षा के विद्यार्थी

राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी, एक शिक्षक के भरोसे 108 विद्यार्थी लातेहार : सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय में मात्र एक शिक्षक बलराम उरांव के भरोसे 108 विद्यार्थी हैं. आठवीं तक के इस विद्यालय […]

राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय में शिक्षकों की कमी, एक शिक्षक के भरोसे 108 विद्यार्थी
लातेहार : सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जिला मुख्यालय स्थित राजकीय बुनियादी मध्य विद्यालय में मात्र एक शिक्षक बलराम उरांव के भरोसे 108 विद्यार्थी हैं. आठवीं तक के इस विद्यालय में चार -चार कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठा कर शिक्षक पढ़ाते हैं. जिला मुख्यालय के विद्यालय के जब यह हाल है तो अन्य प्रखंडों के विद्यालयों की क्या स्थिति होगी.
प्रभात खबर ने बुधवार को इस विद्यालय का जायजा लिया. छठी कक्षा के छात्रों से विद्यालय के प्रधानाध्यापक का नाम पूछा गया, तो कोई भी नहीं बता पाया. यही नहीं जब उनसे राज्य के मुख्यमंत्री का नाम पूछा गया तो वे एक-दूसरे को देखने लगे. बच्चों से आठ‌ और नौ का पहाड़ा पूछा गया, तो एक-दो छात्र ही बता सके. मालूम हो कि 14 मार्च को सिर्फ 69 छात्र ही उपस्थित थे.
मध्याह्न भोजन में नहीं मिलता अंडा : मेन्यू के अनुसार बच्चों को खाना नहीं दिया जाता है. बच्चों से पूछा गया कि उन्हें अंडा दिया जाता है या नहीं, तो बच्चों का कहना था कि उन्हें यह भी याद नहीं कि पिछली बार मध्याह्न भोजन में उन्हें कब अंडा मिला था.
दो पालियों में पढ़ते हैं बच्चे : विद्यालय में एक शिक्षक पदस्थापित होने के चलते सभी बच्चों को दो पालियों में पढ़ाया जाता है.
पहली पाली में कक्षा एक से चौथी तक के बच्चों को शिक्षक बलराम उरांव एक साथ बैठा कर पढ़ाते हैं. इसके बाद कक्षा पांचवीं से आठवीं तक के बच्चों को पढ़ाते हैं. बलराम बताते हैं कि सभी बच्चों को एक साथ बैठाने के बाद वह अलग-अलग कक्षा के बच्चों को अलग-अलग टास्क देते हैं.
शिक्षकों के 12 पद सृजित : बलराम उरांव
इस विद्यालय में आठवीं कक्षा तक कुल 12 शिक्षकों के पद सृजित हैं. लेकिन, सिर्फ एक शिक्षक की पदस्थापना की गयी है. पदस्थापित इकलौते शिक्षक सह प्रभारी प्रधानाध्यापक बलराम उरांव का कहना है कि वर्ग एक से आठ तक के बच्चों को पढ़ाना, मिड डे मील की राशि की निकासी, गैर शिक्षण कार्य करना, सफाई कराना समेत सारे कार्य उनके जिम्मे है. इससे उन्हें काफी परेशानी होती है. बच्चों को भी पढ़ाने में दिक्कत होता है.
एक माह से नहीं मिल रहा है अंडा : सरिता देवी
मिड डे मील की संयोजिका सरिता देवी का कहना है कि पिछले एक माह से अंडा नहीं मिल पा रहा है. शिक्षकों की कमी के कारण छात्रों की उपस्थिति भी आधी रहती है.
तीनों विद्यालय में शिक्षकों की कमी : डीएसइ
जिला शिक्षा अधीक्षक कमलेश कुमार तिवारी का कहना है कि जिले में लातेहार, बालूमाथ और महुआडांड़ में बुनियादी विद्यालय संचालित है, जहां शिक्षकों की कमी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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