पीटीआर में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के गिरोह के अब तक 64 अपराधी गिरफ्तार

पीटीआर में सक्रिय वन्यजीव तस्करों के गिरोह के अब तक 64 अपराधी गिरफ्तार

बेतला़ पलामू टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों के शिकार कर उसके अंगों को अंतर्राष्ट्रीय बाजार में बेचने वाले गिरोह का वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग ने खुलासा किया है. अब तक इस अवैध कारोबार में लगे 64 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है. इनमें झारखंड के अलावा छत्तीसगढ़ और बिहार के 12 कुख्यात अपराधी भी शामिल हैं. पिछले वर्ष असम में भारी मात्रा में पेंगोलिन के शल्क को जब बरामद कर अपराधियों को पकड़ा गया था तब यह खुलासा हुआ था कि पीटीआर में वन्य जीवों का अवैध शिकार और उनकी अंगों का व्यापार हो रहा है. इसके बाद वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो की टीम पीटीआर के दौरे पर पहुंची. 19 नवंबर 2025 को पलामू के हरिहरगंज से छापामारी शुरू की गयी थी. इसमें गिरोह के सक्रिय सरगना को आखिरकार गिरफ्तार कर लिया गया. कार्रवाई से अपराधियों के हौंसले हुए पस्त : वन्यजीवों के कारोबार में जुटे अपराधियों की धर पकड़ के इस कार्रवाई में वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो के साथ झारखंड के पीटीआर, पलामू डिविजन के डीएफओ सहित छत्तीसगढ़ के जशपुर और बलरामपुर और बिहार के बांका और दरभंगा के डीएफओ शामिल हैं जिनके नेतृत्व में यह कार्रवाई की गयी है. झारखंड के गारू, महुआडांड़ के अलावा पलामू के हरिहरगंज, छतरपुर, मेदिनीनगर, रांची के अलावा छत्तीसगढ़ के बलरामपुर, जशपुर और बिहार के दरभंगा, मधुबनी सहित अन्य जगहों पर छापामारी की गयी है. इस कार्रवाई में करीब 90 किलोग्राम पेंगोलिन के शल्क के साथ तेंदुआ और हिरण की खाल सहित रेड सैंड बोआ सांप और सांप के जहर सहित अन्य वन्य जीवों को बरामद किया गया है. कुख्यात अपराधियों के नाम जारी : वाइल्डलाइफ कंट्रोल ब्यूरो और वन विभाग के पदाधिकारियों ने यह खुलासा किया है कि अंतर्राष्ट्रीय गिरोह में शामिल लोगों में सरगना राजू उरांव, बहुरन सिंह के साथ औरंगाबाद के मो सिराज, हरिहरगंज के राजू कुमार, मेदिनीनगर के गोपाल सिंह प्रसाद, रांची के मसूद आलम, बक्सर बिहार के जयराम सिंह और इंद्रजीत कुशवाहा, छत्तीसगढ़ बलरामपुर के आशीष सिंह, चंदवा के मो जमशेद, मधुबनी बिहार के अजय कुमार झा, मुजफ्फरपुर के धीरज कुमार श्रीवास्तव, मधुबनी के पंकज कुमार झा, पश्चिमी चंपारण के हृदय नारायण कुशवाहा का नाम शामिल है. बढ़ायी गयी है सुरक्षा व्यवस्था : पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर प्रजेश कांत जेना ने कहा कि अपराधियों की धर पकड़ के लिए विभाग लगातार सक्रिय है. दुर्लभ वन्य जीवों का शिकार किया जाना निश्चित रूप से चिंताजनक है. वैसे वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ अपराध जगत में जुड़े अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा गया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SHAILESH AMBASHTHA

SHAILESH AMBASHTHA is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >