चंदवा: इस वर्ष प्रखंड के किसान मानसून की दगाबाजी से चिंतित हो रहे है. मानसून के इंट्री के बाद जून व जुलाई माह बीत जाने के बाद भी प्रखंड में अच्छी बारिश देखने को नहीं मिली है. इससे किसानों के चेहरे पर मायूसी बढ़ रही है. कई किसानों ने बीड़ा भी तैयार कर लिया है, पर बारिश खेत तैयार करने का मौका भी नहीं दे रही है.
समय बीतने के साथ-साथ कम बारिश से किसानों की उम्मीद टूटने लगी है. हालांकि कुछ किसानों से रोपनी कार्य कर लिया है, बारिश नहीं होने से वे भी चिंतित हो रहे है. अब तक 50 प्रतिशत धान की रोपनी भी नहीं हो पाई है. बिचड़े सड़ने वाली स्थिति बनने लगी है.
प्रखंड कृषि पदाधिकारी मनीष पांडेय ने बताया कि चंदवा में जून माह में औसत 150 एमएम बारिश की जगह महज 30 एमएम बारिश दर्ज की गई. वहीं जुलाई माह में औसत 400 एमएम बारिश खेती के लिए जरूरी है, पर जुलाई माह में अब तक महज 150 एमएम बारिश दर्ज की गई है. यह औसत से करीब 50 फीसदी कम है.
उन्होंने किसानों से संयम बरतने की अपील की है. कहा कि किसान मोटे अनाज, दलहन व तेलहन की खेती पर जोर दे. कम पानी में उपज होने वाले धान की खेती, गडढे खेत में ही एक नंबर धान की खेती करने की बात कही.
