नर्सिंग होम खोल लोगों की जिंदगी से खेल रहे झोलाछाप डॉक्टर
जिला प्रशासन की कार्रवाई में खुलासा
नर्सिंग होम में नहीं था कोई एमबीबीएस डॉक्टर, प्रशिक्षित नर्स या पारा मेडिकल स्टाफ
बालूमाथ : ग्रामीण इलाकों में बिना किसी डिग्री और पढ़ाई के आला थामे घूम रहे छोलाछाप डॉक्टर किस तरह लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं. यह देखने को मिला शुक्रवार को, जब लातेहार जिला प्रशासन के अधिकािरयों ने नाबालिग के गर्भपात मामले की जांच के लिए बालूमाथ मुरपा मोड़ के समीप शर्मा नर्सिंग होम में छापेमारी की. छापामारी की सूचना पाकर लातेहार सीएस एके सिंह भी शर्मा नर्सिंग होम पहुंचे.
नर्सिंग होम में बच्चेदानी का अॉपरेशन करायी तीन महिला रूपंती देवी (30), गीता देवी (28) और जिरवा देवी (50) भर्ती थीं. इनमें गीता देवी को पता ही नहीं था कि उनकी बच्चादानी का ऑपरेशन किया गया है. गीता देवी ने बताया कि उनके अपेंडिक्स का ऑपरेशन किया गया है, लेकिन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ अमरनाथ की टीम ने जब जांच की, तो पाया कि उक्त महिला का ऑपरेशन अपेंडिक्स की जगह बच्चेदानी का किया गया है.
जिरवा देवी ने एक माह पूर्व बच्चेदानी का ऑपरेशन इस नर्सिंग होम में कराया था, जो आज तक ठीक नहीं हो पाया, जबकि संचालक द्वारा 25 हजार वसूला जा चुका है. बकाया 15 हजार नहीं देने के कारण महिला को नर्सिंग होम से छुट्टी नहीं दी जा रही थी.
व्यवस्था पर सवाल
जांच के बाद बालूमाथ बीडीओ मो परवेज ने कहा कि जिस नर्सिंग होम में तीन बच्चेदानी ऑपरेशन का मरीज एडमिट हो, वहां एक भी एमबीबीएस चिकित्सक या कोई भी प्रशिक्षित नर्स, पारा मेडिकल स्टाफ नहीं होना यह गंभीर मामला है.
ऐसे नर्सिंग होम संचालक को लोगों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने की छूट नहीं दी जा सकती. बालूमाथ सीओ रवि कुमार ने कहा कि इस नर्सिंग होम का पंजीयन बिना चिकित्सक के ही किस आधार पर मिला, यह व्यवस्था पर सवाल खड़ी करता है. वहीं सिविल सर्जन डॉ एके सिंह ने पूछे जाने पर कहा कि एक नाबालिग का गर्भपात इस तरह के नर्सिंग होम में लोग लोक-लाज के कारण कराते हैं, जबकि इस वजह से जान भी जा सकती है.
मिली एक्सपायर्ड दवाइयां
शर्मा नर्सिंग होम में छापामारी के दौरान कई एक्सपायर्ड दवाइयां जब्त की गयी. वहीं हॉस्पिटल संचालक डॉ एके शर्मा नर्सिंग होम छोड़ कर फरार होने में कामयाब रहा.
नर्सिंग होम के कर्मचारी मंटू कुमार ने बोर्ड में लिखे गये नाम डॉ राजीव कुमार से पदाधिकारियों की बात करायी. डॉ राजीव ने कहा कि वह रांची में प्रैक्टिस करते हैं. और छुट्टी मिलने पर कभी-कभी वहां आते हैं.
