बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में शिक्षा की भूमिका अहम : डीडीसी कोडरमा. शिक्षा का अधिकार अधिनियम एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर लीड्स द्वारा सीएसीएल एवं आरटीई फोरम के सहयोग से डीडीसी कॉन्फ्रेंस हॉल में जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला में शिक्षा, बाल अधिकार, बाल श्रम उन्मूलन तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गयी. मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त रवि जैन ने कहा कि बाल श्रम के दुष्प्रभावों के प्रति समाज को जागरूक करने और विद्यालय से बाहर बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने की आवश्यकता है. उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25 प्रतिशत आरक्षण सहित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने तथा नागरिक समाज संगठनों और समुदाय के सहयोग से बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण पर बल दिया. जिला शिक्षा अधीक्षक अजय कुमार ने शिक्षा का अधिकार अधिनियम, शिक्षा विभाग की योजनाओं, करियर काउंसलिंग एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी दी. जिला समाज कल्याण पदाधिकारी रेखा रानी ने बाल संरक्षण, विद्यालय से बाहर बच्चों की पहचान तथा बाल श्रम और बाल विवाह की रोकथाम के लिए समुदाय, विद्यालय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता बतायी. प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी नागेश्वर सिंह व स्वच्छ भारत मिशन की प्रबंधक सुमन कुमारी ने भी अपने विचार रखे. धन्यवाद ज्ञापन संस्था के संजीत पांडेय ने किया. कार्यक्रम को सफल बनाने में संस्था के सीनियर मैनेजर महेंद्र कुमार, रंजीत भेंगरा, सुरभि, संजीत कुमार सहित अन्य सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही.
शिक्षा अधिकार अधिनियम को लेकर कार्यशाला
बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण में शिक्षा की भूमिका अहम : डीडीसी
