झुमरीतिलैया: झारखंड के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए नया निर्देश जारी किया है. ई-विद्यावाहिनी प्रणाली के तहत जिन शिक्षकों या कर्मचारियों की उंगलियों के निशान स्पष्ट नहीं होने के कारण बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज नहीं हो पा रही है, उन्हें अब ओटीपी आधारित जियो-फेंसिंग उपस्थिति की सुविधा दी जायेगी.
विभाग के सचिव उमाशंकर सिंह ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीइओ) को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि पहले संबंधित शिक्षक का दोबारा बायोमेट्रिक पंजीकरण कराया जाये. यदि इसके बाद भी समस्या बनी रहती है, तो चिकित्सीय प्रमाण-पत्र के साथ प्रस्ताव राज्य कार्यालय भेजा जायेगा. प्रदेश स्तर से स्वीकृति मिलने के बाद शिक्षक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जायेगा, जिसके माध्यम से वह विद्यालय परिसर के भीतर रहकर अपनी उपस्थिति दर्ज कर सकेंगे. विद्यालय परिसर से बाहर दर्ज की गयी उपस्थिति मान्य नहीं होगी.
विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीइआरटी), जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट), प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी), जिला शिक्षा कार्यालय तथा अन्य कार्यालयों में प्रतिनियुक्त शिक्षकों के लिए भी ई-विद्यावाहिनी प्रणाली से बायोमेट्रिक उपस्थिति की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये. इसके लिए आवश्यक बायोमेट्रिक उपकरण उपलब्ध कराये जायेंगे.
विभाग ने सभी डीइओ को निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है.
