पुलिस प्रशासन के खिलाफ पिपचो में आक्रोश मार्च
मार्च का नेतृत्व प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष इस्लाम अंसारी कर रहे थे.
हत्या मामले में दो लोगों को छोड़े जाने पर परिजन हैं नाराज जयनगर. थाना क्षेत्र के पिपचो बाजार से आठ जनवरी की रात एक युवक बेको निवासी सुभाष राणा का शव बरामद किया गया. इस मामले में तीन लोगों को हिरासत में लिया गया था, जिसमें से उसके बहनोई गौतम राणा को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया, जबकि उसके दोस्त विनोद यादव व श्याम सुंदर राणा को छोड़ दिया गया. इसके विरोध में मंगलवार को पिपचो चौक पर पुलिस के खिलाफ आक्रोश मार्च निकाला गया. मार्च का नेतृत्व प्रखंड 20 सूत्री अध्यक्ष इस्लाम अंसारी कर रहे थे. मार्च में शामिल लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. मौके पर युवा समाजसेवी राजकुमार पासवान ने कहा कि यदि विनोद यादव व श्याम सुंदर राणा को 24 घंटा के अंदर गिरफ्तार नहीं किया गया, तो कोडरमा-कोवाड मुख्य मार्ग जाम कर दिया जायेगा. जिसकी सारी जिम्मेवारी पुलिस प्रशासन की होेगी. वहीं माले जिला सचिव इब्राहिम अंसारी ने कहा कि थाना क्षेत्र में दिन प्रतिदिन घटनाएं हो रही हैं, यह प्रशासन की विफलता का परिणाम है. कुछ दिन पूर्व इरगोबाद में सैफ लापता हो गया. डीएसपी ने प्रेसवार्ता कर कहा कि सैफ पर किसी जानवर ने हमला किया होगा. यह कहकर पुलिस ने अपना पल्ला झाड लिया. मौके पर मौजूद लोगों ने कहा कि यदि 24 घंटे के अंदर दोनों आरोपी नहीं पकड़े गये, तो सड़क को अनिश्चितकाल के लिए जाम कर दिया जायेगा. कुछ लोगों ने थाना प्रभारी उमानाथ सिंह की कार्यशैली पर सवाल खड़ा किये. मौके पर अजय यादव, अशोक यादव, मुखिया प्रतिनिधि बलदेव यादव, जिप सदस्य प्रतिनिधि देवनारायण यादव, सलीम अंसारी, भीम यादव , सोनिया देवी, शमशाद आलम, सुभाष के परिजन व ग्रामीण मौजूद थे. क्या है मामला : थाना क्षेत्र के पिपचो बाजार में आठ जनवरी की रात को बेको निवासी सुभाष राणा, उसके बहनोई गौतम राणा, श्याम सुंदर राणा व विनोद यादव ने शराब पी. इस दौरान किसी बात को लेकर सुभाष व गौतम में अनबन हो गयी. बात बढ़ी और मामला मारपीट तक पहुंच गया. गौतम ने पत्थर से वार कर सुभाष की जान ले ली. सूचना मिलने पर पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया. पोस्टमार्टम के बाद परिजन थाना के पास रोड जाम करने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन समझाने-बुझाने पर अपने घर लौट गये. इस मामले में पुलिस की कार्यशैली से परिजन शुरू से ही नाराज हैं. इसी दौरान श्याम सुंदर राणा व विनोद यादव को छोड़े जाने से इनकी नाराजगी और भी बढ गयी है.
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