समस्याओं से जूझ रहे हैं डोमचांच नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत वार्ड पांच के लोग

कहने को तो वर्षों पूर्व डोमचांच को पंचायती राज से अलग कर नगर पंचायत बनाया गया, लेकिन आज भी कई इलाकों में विकास की किरणें नहीं पहुंच पायी है.

डोमचांच. कहने को तो वर्षों पूर्व डोमचांच को पंचायती राज से अलग कर नगर पंचायत बनाया गया, लेकिन आज भी कई इलाकों में विकास की किरणें नहीं पहुंच पायी है. आधी-अधूरी नालियां, सड़क पर बहता गंदा पानी समेत बुनियादी असुविधाएं नगर पंचायत क्षेत्र के कई इलाकों की कहानी बताती है. कुछ इसी तरह की स्थिति का सामना नगर पंचायत क्षेत्र के वार्ड नंबर पांच के लोग कर रहे हैं. सोमवार को इलाके में आयोजित प्रभात खबर आपके द्वार कार्यक्रम के दौरान लोगों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं. वार्ड पांच में बेलाटांड़, लंगरापीपर, शिवसागर आदि क्षेत्र पड़ता है. कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि नगर से अच्छा तो पहले पंचायत क्षेत्र था. आज इलाके में नाली नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी बह रहा है. बारिश से पूर्व पंचायती राज में बनी नालियां भी जर्जर हो चुकी है. नगर पंचायत बनने के बाद यहां के लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ. इससे अच्छा पंचायत क्षेत्र में व्यवस्था थी. यहां पर 80 प्रतिशत लोग खेती पर निर्भर हैं, लेकिन नगर क्षेत्र में होने के कारण टैक्स जमा करने का दबाव अलग से रहता है. मौके पर पवन मेहता, शंभु प्रसाद, राजेश यादव, सुरेंद्र कुमार, सदानंद कुमार, मोहन यादव, डब्लू पंडित, संजीत पंडित, राकेश मेहता, अनिल मेहता, सुरेश पंडित, अंबिका राम, रामेश्वर राम, सुरेश मेहता, भुन्नू पंडित, काशी पंडित, चमेली देवी, अनिता देवी, दुलारी देवी, लक्ष्मी देवी, मुन्नी देवी, राजेश यादव व प्रवीण मेहता आदि मौजूद थे. हमारे वार्ड में नाली की साफ-सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है. यहां 80 प्रतिशत लोग कृषि से जुड़े हैं. हम लोग जब ग्राम पंचायत में थे, तभी खुशहाल थे. नगर बनने से कोई फायदा नहीं हुआ. स्थिति यहां की दयनीय है. राकेश कुमार नगर पंचायत बनने से यहां के लोगों को कोई फायदा नहीं हुआ. यहां लोग स्वयं साफ-सफाई करते हैं. इससे बेहतर तो पंचायत था. पंचायती राज के समय इस क्षेत्र में कई कार्य हुए थे. इस क्षेत्र की अनदेखी हुई है. पवन मेहता, समाजसेवी अब तक नगर पंचायत की ओर से कोई विकास का कार्य नहीं हुआ. यहां यड़क और नाली की स्थिति जर्जर है. कोई बदलाव नहीं हुआ है. अभी भी नाली नहीं होने के कारण सड़क पर पानी बहता है. परेशानी बढ़ गयी है. अनिल कुमार मेहता पंचायत में लोगों को मनरेगा के तहत जॉब कार्ड से रोजगार मिल जाता था. जब से नगर पंचायत बना है, तब से रोजगार नहीं मिल रहा है. नगर से वार्ड नंबर पांच में कोई विकास का कार्य नहीं हुआ है. लोग परेशान हैं. सुरेश मेहता हमलोग पंचायती राज में खुश थे. नगर पंचायत बनने के बाद कुछ काम कुछ नहीं हुआ. हमलोग खेती पर पूरी तरह निर्भर हैं. हमारी आर्थिक स्थिति दयनीय है. पंचायती राज में किसी तरह की कोई परेशानी नहीं थी. अनिता देवी सात वर्ष बीत जाने के बाद भी इलाके में कोई विकास का कोई काम नहीं हुआ है. हम लोग पदाधिकारी से मांग करते हैं कि इसे वार्ड को नगर से हटा दिया जाये. हम पंचायत में ही ठीक थे. थोड़ी बहुत सुविधा मिलती थी. मुन्नी देवी

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By Anuj singh

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