हाथी के हमले में मारे गये लोगों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा दे सरकार कोडरमा. विधायक डॉ नीरा यादव ने कोडरमा जिले में हाथियों के हमले में ग्रामीणों के मारे जाने पर चिंता जतायी है. उन्होंने घटना के लिए वन विभाग और इसके अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने कहा कि रविवार को मरकच्चो के जामू स्थित हरलाडीह गांव में महुआ चुनने गयी एक महिला सीता देवी को हाथी ने मार दिया. कोडरमा में बीते एक साल में एक दर्जन लोगों की जान हाथियों ने ली है. अभी कुछ दिन पहले ही हाथी ने कोडरमा के मरियमपुर और बोनाकाली में दो लोगों की जान ली थी. वहीं जिले के झरीटांड और ढेबुआडीह जैसे ग्रामीण इलाकों में हाथियों ने पिछले तीन-चार दिनों में कई मवेशियों को मार डाला. इन घटनाओं के बाद अब ग्रामीण रतजगा करने को मजबूर हैं. विधायक डॉ नीरा यादव ने कहा कि कोडरमा जिले के वन्य प्राणी आश्रयणी समेत कई जंगली इलाकों में बाहर के लोग बस गये हैं. वन विभाग इन पर कार्रवाई नहीं कर रहा है, यही वजह है कि हाथी जंगल को छोड़कर गांव और शहरों की ओर जा रहे हैं. विधायक डॉ नीरा यादव ने राज्य सरकार से हाथी के हमले से मारे गये लोगों के परिजनों को कम से कम 10 लाख रुपया मुआवजा देने की मांग की है.
वन विभाग की लापरवाही का खामियाजा भुगत रहे लोग : डॉ नीरा
हाथी के हमले में मारे गये लोगों के परिजनों को 10 लाख मुआवजा दे सरकार
