विद्यार्थियों के शैक्षणिक हितों से कोई समझौता नहीं होगा
: ई-मेल के माध्यम से छात्रों के हितों की सुरक्षा का दिया आश्वासन
कोडरमा. जेजे कॉलेज सहित जिले भर के महाविद्यालयों को विनोबा भावे विश्वविद्यालय, हजारीबाग से अलग कर सर जेसी बोस विश्वविद्यालय गिरिडीह में स्थानांतरित किये जाने के निर्णय के विरुद्ध चल रहे आंदोलन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने इस विषय को संज्ञान में लिया है. जेजे कॉलेज बचाओ समिति के संरक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता रामरत्न अवध्या के अनुसार, मामले को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राज्यपाल व अन्य सक्षम प्राधिकारियों को विस्तृत आवेदन प्रेषित किया गया था़ इसके बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने फोन पर मुझसे संपर्क कर आवश्यक जानकारियां प्राप्त कीं तथा ई-मेल के माध्यम से यह आश्वस्त किया है कि कोडरमा एवं आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के उच्च शिक्षा प्राप्त करने के अधिकार में किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न नहीं होने दी जायेगी. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के निर्देश पर मंत्रालय ने आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ कर दी है तथा झारखंड के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग को भी इस विषय पर पत्राचार किया गया है. अवध्या ने इस सकारात्मक पहल के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा उन सभी अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने इस जनभावना से जुड़े विषय को गंभीरता से लिया. अवध्या के अनुसार, यह केवल एक महाविद्यालय का मामला नहीं है, बल्कि कोडरमा के हजारों छात्रों, अभिभावकों एवं आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है. उन्होंने कोडरमा के सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, बुद्धिजीवियों, छात्र-युवा साथियों, अभिभावकों एवं जागरूक नागरिकों से आग्रह किया है कि जब तक इस विषय पर नयी एवं संतोषजनक अधिसूचना जारी नहीं हो जाती, तब तक इस जनआंदोलन को व्यक्तिगत एवं सामूहिक स्तर पर पूरी मजबूती के साथ जारी रखें.