महिला की हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनायी सजा

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने सुनायी सजा कोडरमा. तिलैया थाना क्षेत्र के पानी टंकी रोड में 29 जनवरी 2021 को एक महिला की हत्या किये जाने के मामले की मंगलवार को सुनवाई हुई. अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम गुलाम हैदर की अदालत ने इस मामले में 23 वर्षीय शशि कुमार विद्यापुरी तिलैया निवासी को 302 आइपीसी एक्ट के तहत दोषी पाते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनायी. साथ ही 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना नहीं देने पर एक साल अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. न्यायालय ने 201आइपीसी एक्ट के तहत अभियुक्त को दोषी पाते हुए पांच साल कारावास एवं पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया. जुर्माना की राशि नहीं देने पर दो माह अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी. जुर्माना की राशि पीड़ित को दी जायेगी. जानकारी के अनुसार, घटना को लेकर प्रभु वर्मा के आवेदन पर तिलैया थाना में मामला दर्ज किया गया था. आवेदन में प्रभु वर्मा ने कहा था कि हम लोगों की ज्वेलरी और बर्तन की दुकान है. बड़ा बेटा रजनीश वर्मा व छोटा बेटा यश वर्मा और मैं दुकान चले गये थे. मेरा छोटा बेटा यश वर्मा घर खाना खाने गया, तो उसने मुझे और मेरे बड़े बेटे को फोन कर जल्द घर आने को कहा. हम दोनों घर पहुंचे, तो देखा कि मेरी पत्नी मीरा देवी को किसी ने हथियार से मार कर घायल कर दिया था. वह खून से लथपथ थी. उसे एक निजी अस्पताल ले गये. वहां से सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया. सदर अस्पताल ले जाने के दौरान रास्ते में ही मीरा की मौत हो गयी. अज्ञात के विरुद्ध हत्या का केस दर्ज किया. पुलिस ने बाद में इस मामले का खुलास किया और आरोपी शशि कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा था. कुल 19 गवाहों का कराया गया परीक्षण : बताया जाता है कि अदालत में अभियोजन का संचालन लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह ने किया. इस दौरान 19 गवाहों का परीक्षण कराया गया. लोक अभियोजक ने न्यायालय से अभियुक्त को अधिक से अधिक सजा देने का आग्रह किया. वहीं बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता हरिशंकर कुमार ने दलीलें रखीं.अदालत ने सभी गवाहों और साक्ष्यो का अवलोकन करने के उपरांत अभियुक्त को दोषी पाते हुए सजा मुकर्रर की. हैरान करने वाली थी हत्या की वजह : लोक अभियोजक प्रवीण कुमार सिंह के अनुसार, महिला की हत्या की वजह पुलिस जांच में हैरान करने वाला सामने आया था. घटना के बाद पुलिस की जांच में यह बात सामने आयी थी कि महिला के तीन पुत्रों में दूसरे नंबर के पुत्र प्रीतम वर्मा का आरोपी शशि के साथ विवाद हुआ था. दरअसल, शशि को संदेह था कि प्रीतम उसकी गर्ल फ्रेंड से मोबाइल पर बात करता है. इस बात को लेकर उसने प्रीतम को बुरा अंजाम भुगतने की धमकी भी दी थी. घटना के दिन वह प्रीतम के घर पहुंचा, पर वह नहीं मिला. हथियार के साथ पहुंचे आरोपी ने प्रीतम की मां पर एक के बाद एक कई वार कर दिये, जिससे वह घायल हो गयीं और बाद में जान चली गयी. पुलिस को संदेह हुआ और कॉल रिकार्ड आदि की जांच से शशि की संलिप्तता की बात सामने आयी थी.

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Published by: Deepesh kumar

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