झुमरीतिलैया. बड़ा मंदिर के चातुर्मास पंडाल परिसर में जैन संत पूज्य गुरुदेव सुयश सागर जी का जन्मदिन भक्तों ने श्रद्धा पूर्वक मनाया. इस अवसर पर समाज के पदाधिकारियों और धर्मनिष्ठ परिवारों ने गुरुदेव के चरण धोकर चरणामृत अपने मस्तक पर लगाया और अष्ट द्रव्यों से उनकी पूजा-अर्चना की.
सैकड़ों महिला, पुरुष और बच्चों ने गुरुदेव को श्रीफल अर्पित कर उनका आशीर्वाद लिया. पूरे परिसर में श्रद्धा और भक्ति का माहौल बना रहा.
मनुष्य जीवन का सदुपयोग करें : सुयश सागर
पूज्य सुयश सागर जी ने कहा कि जीवन की सार्थकता आत्मकल्याण में ही है. हमें जो मनुष्य जीवन मिला है, उसका सदुपयोग करना चाहिए. मनुष्य जीवन दुर्लभ है और पूर्व जन्म के अच्छे कर्मों के कारण ही मनुष्य जन्म मिलता है.
उन्होंने कहा कि सभी को संस्कारवान और कर्मयोगी बनना चाहिए. तभी व्यक्ति स्वयं के साथ परिवार, समाज, राष्ट्र और धर्म के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकता है.
पार्षद ने दी जन्मदिन की शुभकामना
पूज्य जैन संत के जन्मदिन पर पार्षद पिंकी जैन ने उन्हें शत-शत नमन किया और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की.
