कोडरमा. राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत कुष्ठ रोगी खोज अभियान द्वितीय चक्र का शुभारंभ किया गया. जिला कुष्ठ निवारण पदाधिकारी डॉ रमण कुमार ने सभी सहिया, स्वास्थ्य कर्मी को कुष्ठ मुक्त कोडरमा की शपथ दिलायी. डॉ रमण ने बताया कि नौ मार्च से 23 मार्च तक कुष्ठ रोगी खोज अभियान द्वितीय चक्र चलेगा. यह अभियान जिले के 254 गांव में होना है. इस बार उसी ग्राम में सर्वे होगा, जहां पिछले पांच से सात वर्षों में कुष्ठ के मरीज मिले हैं. इस सर्वे के लिए ग्राम में सहिया की टीम बनी है, जिसमें महिला ग्रामीण की जांच सहिया करेंगी और पुरुष की जांच पुरुष करेंगे. प्रत्येक 5 ग्राम पर सुपरवाइजर की टीम बनी है जो अपने अधीनस्थ क्षेत्र में सर्वे के काम में सहयोग सहयोग एवं निरीक्षण करेंगे. उल्लेखनीय है कि एलसीडी प्रथम चक्र 10 नवंबर 2025 से 26 नवंबर 2025 तक चला था, जिसमें कुल 1280 संदेहास्पद व्यक्ति मिले थे. चिकित्सक से जांच कराने पर कुल 64 मरीजों में कुष्ठ की पुष्टि हुई. डॉ रमण ने बताया कि कुष्ठ के संदेहास्पद लक्षण मिलने पर वैसे व्यक्ति की सूची बनानी है, जिसके त्वचा में दाग एवं दाग में सुन्नपन, कोहनी एवं घुटनों में दर्द एवं झनझनाहट, हाथ या पैर की अंगुलियों का मुड़ जाना, हाथ या पैर में बिना दर्द के घाव, कलाई का झूल जाना, पैर का झूल जाना या घसीट कर चलना, आंखों के भौंह उड़ जाना, नाक दब जाना ये सब लक्षण के व्यक्ति मिलने पर उसे संदेहास्पद की सूची में रखें. उन्होंने कहा कि कुष्ठ मरीज को इलाज के दौरान प्रति माह 500 पोषण राशि एवं मरीज के संपर्क व्यक्तियों को चिकित्सीय जांच के लिए 100 यात्रा भत्ता अधिकतम आठ व्यक्तियों को मिलता है. मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी मरकच्चो डॉ मोनिका मिश्रा, फिजियोथैरेपिस्ट राजीव रंजन, एमपीडब्ल्यू जावेद अंसारी, विभिन्न ग्रामों की सहिया एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.
कुष्ठ रोगी खोज अभियान के द्वितीय चक्र का शुभारंभ
सजगता. नौ मार्च से 23 मार्च तक चलेगा कुष्ठ रोगी खोज अभियान
