संस्कार ही मनुष्य को मानव से महामानव बनाता है : नकुलदेव

नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का तीसरा दिन

=====नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ का तीसरा दिन=====

29कोडपी4हवन करते श्रद्धालु.

29कोडपी5 यज्ञ मंडप की परिक्रमा करते.

प्रतिनिधि

जयनगर. प्रखंड के कंद्रपडीह स्थित नौका आहार छठ घाट पर आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के तीसरे दिन मूसलाधार बारिश के बाद भी श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही. भक्ताें ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की तथा हवन किया. यज्ञाचार्य नकुलदेव शास्त्री ने कहा कि अनगढ़ को सुगढ़ बनाने की प्रक्रिया को ही संस्कार कहा जाता है. जन्म से सभी शुद्र होते हैं, जबकि संस्कार ही मनुष्य को मानव से महामानव बनाता है. उन्होंने कहा कि उत्तम एवं श्रेष्ठ संतान की प्राप्ति के लिए पुंसवन संस्कार, बच्चों के शिक्षा के साथ-साथ नैतिक ज्ञान के विकास के लिए विद्यारंभ संस्कार, तीन जन्मों के कुसंस्कारों को समाप्त कर मस्तिष्क के विकास के लिए मुंडन संस्कार कराया जाता है. उन्होंने बताया कि मानव जीवन को सफल और सार्थक बनाने के लिए गुरुदीक्षा संस्कार आवश्यक है. वहीं नेमीचंद जी ने कहा कि अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने वाले गुरु ही होते हैं, गुरु के बिना किसी का कल्याण संभव नहीं है. हवन के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच खिचड़ी महाप्रसाद का वितरण किया गया. यज्ञ को सफल बनाने में समिति के संरक्षक त्रिभुवन रजक, अध्यक्ष सरयु यादव, काशी साव, उपाध्यक्ष बुलाकी यादव, धानेश्वर साव, राजकुमार मंडल, मुखिया संजय साव, सचिव संतोष वर्णवाल, उप सचिव छोटेलाल मंडल, कोषाध्यक्ष अलख निरंजन साव, उप कोषाध्यक्ष लखन साव, स्वागतकर्ता राजू साव, इंद्रदेव रविदास, राजेंद्र यादव, प्रेमचंद साव, मुन्ना साव, मोहनी देवी, देवंती देवी, रंजु कुमारी, आनंद राणा, दिनेश साव, लालो रविदास, कामदेव शर्मा, गोविंद साव, मुकेश साव, बबलू साव, विनोद साव, अशोक रविदास, श्याम सुंदर साव सहित समस्त ग्रामीण लगे हैं.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Deepesh kumar

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.
और पढ़ें
Tags

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >