जयनगर के गांवों में महुआ शराब की बिक्री पर उठे सवाल, स्कूलों के आसपास भी कारोबार का ग्रामीणों ने लगाया आरोप

जयनगर के ग्रामीण इलाकों में अवैध महुआ शराब के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है. ग्रामीणों ने स्कूल परिसरों के पास भी इसकी बिक्री का आरोप लगाया है और प्रशासन से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है.

जयनगर. पूरे देश में नशामुक्ति अभियान चलाये जाने के बावजूद ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध महुआ शराब के कारोबार पर रोक नहीं लग पा रही है. प्रखंड के चुटियारो, पहाड़पुर, महेशमराय, कोसमाडीह, सतडीहा, नवादा, आरामुरगो, खगराडीह, पिपचो, तिलोकरी, परसाबाद और कटिया सहित कई गांवों में खुलेआम महुआ शराब की बिक्री होने का ग्रामीणों ने दावा किया है. ग्रामीणों का कहना है कि इसके कारण युवा नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं.

कार्रवाई प्रभावी नहीं होने का लगाया आरोप

ग्रामीणों के अनुसार अवैध शराब के कारोबार पर प्रशासनिक कार्रवाई प्रभावी नहीं है. उनका कहना है कि कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ हो रहा है, जबकि शराब का सेवन करने वाले परिवारों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है. इसका सबसे अधिक असर गरीब परिवारों पर पड़ रहा है.

परसाबाद स्टेशन रोड और महेशमराय चौक सहित कई स्थानों पर विद्यालयों के आसपास भी शराब की बिक्री और लोगों की भीड़ देखे जाने का ग्रामीणों ने दावा किया है. उनका कहना है कि ऐसे स्थानों पर शराब की बिक्री से बच्चों और युवाओं पर भी प्रतिकूल असर पड़ सकता है.

चुटियारो में दर्जनों भट्टियां संचालित होने का दावा

ग्रामीणों के अनुसार चुटियारो गांव में दर्जनों अवैध भट्टियां संचालित हैं, जहां महुआ शराब तैयार कर आसपास के क्षेत्रों में भेजी जाती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए नियमित और सघन कार्रवाई करने की मांग की है.

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By Vikash Kumar

विकास कुमार को 17 वर्षों से पत्रकारिता का अनुभव है. प्रभात खबर में वर्ष 2012 से जुड़े हुए हैं. बतौर ब्यूरो प्रमुख कोडरमा में सेवाएं दे रहे हैं. इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज्म के साथ क्राइम व पॉलिटिक्स की खबरों पर अच्छी पकड़ है. प्रभात खबर से पहले दैनिक जागरण से जुड़े रहे हैं. नयी दिल्ली, नोएडा व पंजाब जैसे शहरों में कार्य कर चुके हैं. इन्हें रिपोर्टिंग के साथ डेस्क पर भी वर्षों काम करने का अनुभव है. कोडरमा से रिपोर्टिंग के दौरान इन्होंने शिक्षक नियुक्ति घोटाला, कल्याण विभाग में घोटाला सहित कई गड़बड़ियों को उजागर किया है. इनकी अवैध खनन को लेकर की गयी बेहतरीन व अलग रिपोर्टिंग के लिए भी इनकी खुले मंच पर प्रशंसा हो चुकी है.

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