: श्रद्धालुओं ने हवन व पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा जयनगर. प्रखंड के कंद्रपडीह में आयोजित नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ के दूसरे दिन हवन संस्कार, विद्यारंभ संस्कार, पुंसवन संस्कार, मुंडन संस्कार और मुंहजूठी सहित कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किये गये. महायज्ञ में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर हवन व पूजा-अर्चना की. शुक्रवार को महायज्ञ स्थल पर भंडारे का आयोजन किया जायेगा. महायज्ञ को सफल बनाने में समिति के संरक्षक त्रिभुवन रजक, अध्यक्ष सरयू यादव, काशी साव, उपाध्यक्ष बुलाकी यादव, धानेश्वर साव, राजकुमार मंडल, मुखिया संजय साव, सचिव संतोष वर्णवाल, उप सचिव छोटेलाल मंडल, कोषाध्यक्ष अलख निरंजन साव, उप कोषाध्यक्ष लखन साव, स्वागतकर्ता राजू साव, इंद्रदेव रविदास, राजेंद्र यादव, प्रेमचंद साव, सिकेंद्र साव, जगदीश साव, मुन्ना साव, मोहनी देवी, देवंती देवी, रंजू कुमारी, आनंद राणा, दिनेश साव, लालो रविदास, कामदेव शर्मा, गोविंद साव, मुकेश साव, बबलू साव, विनोद साव, अशोक रविदास और श्यामसुंदर साव सहित समस्त ग्रामीण जुटे हुए हैं. यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है : शास्त्री जी महायज्ञ के दौरान यज्ञाचार्य नकुल देव, नेमीचंद जी और उनके सहयोगियों ने संगीतमय व्याख्या प्रस्तुत की. इस दौरान शास्त्री जी ने कहा कि यज्ञ सर्वश्रेष्ठ कर्म है. यज्ञ करने से व्यक्ति की हर प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती हैं. उन्होंने कहा कि यज्ञ से बाहरी और आंतरिक दोनों जगत को शुद्ध व पवित्र किया जा सकता है. यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है और वायुमंडल में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. श्रद्धालु भक्तों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर सुख-समृद्धि की कामना की.
कंद्रपडीह यज्ञ में दूसरे दिन हवन व विविध संस्कार
श्रद्धालुओं ने हवन व पूजा-अर्चना में बढ़-चढ़कर लिया हिस्सा
